घर में नमाज पढ़ने से रोकने पर भड़का हाईकोर्ट, बरेली DM और SSP को किया तलब
हाईकोर्ट घर के भीतर नमाज अदा करने से रोकने के मामले में बरेली के डीएम और एसएसपी को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि वे उपस्थित नहीं होते तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट घर के भीतर नमाज अदा करने से रोकने के मामले में बरेली के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि वे उपस्थित नहीं होते तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने याची को 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने हसीन खान की सुरक्षा के लिए दो हथियारबंद गार्ड तैनात करने को कहा है, जो इस मामले में फैसला आने तक 24X7 हसीन खान के साथ हर जगह जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि हसीन खान के शरीर या उनकी संपत्ति पर होने वाली हिंसा की कोई भी घटना प्रथमदृष्टया राज्य की शह पर मानी जाएगी। कोर्ट ने इस मामले में पिछली सुनवाई पर बरेली के डीएम और एसएसपी को एक पुराने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में अवमानना नोटिस जारी किया था।
बरेली के रहने वाले तारिक खान ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि बीते 16 जनवरी को स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें उनके निजी आवास के अंदर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी। यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के उस पूर्व आदेश का उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य नहीं है।
बुधवार को डीएम व एसएसपी की ओर से डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की गई। साथ ही कोर्ट में घर के मालिक हसीन खान का बयान दर्ज किया गया। अनपढ़ हसीन खान ने कोर्ट को बताया कि वह अपने घर में परिवार के साथ नमाज पढ़ रहे थे, तभी पुलिस उसे उठा ले गई। उसे आरिफ प्रधान और मुख्तयार ने धमकाया कि यदि उसने कोर्ट में सच बोला तो उसके घर पर बुलडोजर चला दिया जाएगा। उसे जबरन गांव के बाहर ले जाकर पुलिस की मौजूदगी में सादे कागजों पर अंगूठा लगवाया गया।
क्या था मामला
बिशारतगंज थानाक्षेत्र के मोहम्मद गंज गांव में खाली पड़े एक मकान मेंबिना प्रशासनिक अनुमति के नमाज अदा करने के आरोप में पुलिस ने 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार खाली मकान में कथित तौर पर सामूहिक नमाज पढ़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया था कि खाली पड़े मकान को अस्थायी रूप से मदरसे की तरह इस्तेमाल करके कई हफ्तों से सामूहिक जुमा की नमाज अदा किए जाने की जानकारी सामने आयी थी और सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई की। शांति भंग की धाराओं में चालान किया।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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