फरार आरोपियों के खिलाफ की जाए चरणबद्ध कार्रवाई, हाईकोर्ट ने जारी की विस्तृत गाइड लाइन

प्रयागराज, विधि संवाददाता
Follow us on Google News
share

फरार आरोपियों के खिलाफ  चरणबद्ध कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने इस मामले में विस्तृत गाइडलाइन जारी करते हुए गृह विकास विभाग, पुलिस और अभियोजन को इसका कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।  

फरार आरोपियों के खिलाफ की जाए चरणबद्ध कार्रवाई, हाईकोर्ट ने जारी की विस्तृत गाइड लाइन

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में फरार आरोपी के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट और उससे संबंधित कार्रवाई को वैध ठहराया है, मगर याची को राहत देते हुए ट्रायल के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही हिदायत दी है कि यदि भविष्य में याची सहयोग नहीं करता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने इस मामले में विस्तृत गाइडलाइन जारी करते हुए गृह विकास विभाग, पुलिस और अभियोजन को इसका कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी ने यह फैसला सुनाया।

आगरा के रवि उर्फ रविंद्र सिंह ने याचिका दायर ट्रायल कोर्ट द्वारा 18 अक्तूबर 2024 को जारी गैर-जमानती वारंट को रद्द करने की मांग की थी। मामले के अनुसार, वर्ष 2020 में याची समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307 आईपीसी) और गाली-गलौज (धारा 504 आईपीसी) के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल हुई और 2021 में अदालत ने संज्ञान लिया। आरोपी को 2021 में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन ट्रायल के दौरान वह कई बार अदालत में पेश नहीं हुआ। 18 अक्टूबर 2024 से आरोपी लगातार अनुपस्थित रहा, जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।

हाईकोर्ट ने पाया कि आरोपी ने जानबूझकर ट्रायल में देरी की और बार-बार गैरहाजिर रहकर न्यायिक प्रक्रिया से बचने की कोशिश की। अदालत ने कहा कि आरोपी 29 तारीखों तक लगातार अनुपस्थित रहा, उसके खिलाफ एनबीडब्लू जारी होने के बावजूद वह पेश नहीं हुआ। बाद में उसे भगोड़ा घोषित करने (धारा 82 सीआरपीसी) और संपत्ति कुर्क करने (धारा 83 सीआरपीसी) की कार्रवाई भी की गई। याची की ओर से दलील दी गई थी कि बिना पहले जमानती वारंट जारी किए सीधे एनबीडब्लू जारी करना कानून के खिलाफ है। लेकिन हाईकोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि जब कोई आरोपी जमानत पर होने के बावजूद बार-बार अनुपस्थित रहता है, तो अदालत को कड़ी कार्रवाई करने का अधिकार है।

महत्वपूर्ण निर्देश

अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि फरार आरोपियों के मामलों में कानून के तहत चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। एनबीडब्लू, फरारी की उद्घोषणा और संपत्ति कुर्की जैसी कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। ट्रायल को समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल में देरी न हो, अदालतों को बिना उचित कारण के तारीख पर तारीख देने से बचना होगा, गवाहों की मौजूदगी में रोजाना सुनवाई की जाए। यदि आरोपी फरार है, तो उसके वकील/अमिकस क्यूरी के जरिए ट्रायल चलाया जा सकता है। आवश्यक होने पर इन एब्सेंटिया (अनुपस्थिति में) ट्रायल भी किया जा सकता है।

जमानतदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए

कोर्ट ने कहा है कि फरार आरोपियों के खिलाफ समन/वारंट, गैर-जमानती वारंट, फरारी की उद्घोषणा (धारा 82), भगोड़ा घोषित करना, संपत्ति कुर्की (धारा 83) जैसी प्रक्रिया अपनाई जाए। यदि आरोपी जमानत पर है और अनुपस्थित रहता है तो उसकी जमानत जब्त की जाए। जमानतदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। बार-बार गैरहाजिरी पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए। फरार आरोपी पर अलग मुकदमा भी चलेगा। कोर्ट ने पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिया है कि पुलिस को जल्द से जल्द गिरफ्तारी, उद्घोषणा और कुर्की की कार्रवाई करनी होगी। जांच लंबित नहीं रखी जा सकती, आरोपी फरार हो तब भी चार्जशीट दाखिल करनी होगी।

ट्रायल कोर्ट की निगरानी व्यवस्था

हर महीने एनबीडब्लू के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाए। जिला स्तर पर मॉनिटरिंग सेल भी इसकी निगरानी करे। पीड़ित को इसकी सूचना नियमित रूप से दी जाए। कोर्ट ने इस आदेश की प्रति प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों को भेजने के लिए कहा है।

Deep Pandey

लेखक के बारे में

Deep Pandey

दीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।