स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी राहत, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

Feb 27, 2026 08:01 pm ISTAjay Singh लाइव हिन्दुस्तान, प्रयागराज
share

इलाहाबाद हाई कोर्ट से बटुकों के यौन शोषण मामले में Swami Avimukteshwaranand को फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने अग्रिम जमानत की उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए आदेश आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अब सबकी नजरें कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी राहत, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

Swami Avimukteshwaranand News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नाबालिगों के यौन शोषण के मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने शुक्रवार शाम लगभग एक घंटे से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया और उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि आदेश सुनाए जाने तक उनको गिरफ्तार न किया जाए। इस आदेश के बाद पुलिस फिलहाल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। हालांकि कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जांच में सहयोग करने को भी कहा है। अब सभी की नजरें कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

सुनवाई के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से आरोपों को गलत बताते हुए कहा गया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। यह भी दलील दी गई कि वादी आशुतोष का खुद का अपराधिक इतिहास है। राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध किया गया। अर्जी सीधे हाईकोर्ट में दाखिल करने और उसकी पोषणीयता पर भी सवाल उठाया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित कर लिया और अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। साथ ही मामले की जांच जारी रखने और अविमुक्तेश्वरानंद व मुकुंदानंद को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि पक्षकारों के अधिवक्ता 12 मार्च तक लिखित प्रस्तुतियां और मामले के कानूनी नज़ीरें दाखिल कर सकते हैं। कोर्ट ने याचियों के अधिवक्ता को आशुतोष ब्रह्मचारी के पूरक शपथ पत्र की कॉपी प्रदान करने का निर्देश भी दिया है।

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार, अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता व सुधांशु कुमार, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, शासकीय अधिवक्ता पतंजलि मिश्र और एजीए प्रथम रूपक चौबे ने पक्ष रखा जबकि आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से रीना एन सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अपने तर्क प्रस्तुत किए। गौरतलब है कि आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर प्रयागराज के विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) के आदेश के क्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व अन्य के खिलाफ बीते रविवार को झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। झूंसी पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद इस मामले में तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस ने पीड़ितों का बयान लिया है और मेडिकल भी कराया है।

उधर, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार और सत्ता का षड़यंत्र बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच में शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज पुलिस के साथ क्यों मौजूद है? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार पीड़ित बताए जा रहे बच्चे लंबे समय से आशुतोष ब्रह्मचारी के पास ही रह रहे हैं। उन्होंने 17 जनवरी की घटना को पूरी तरह झूठा करार दिया।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |