राहतों की बारिश से व्यापार में आएगा बूम

राहतों की बारिश से व्यापार में आएगा बूम

संक्षेप:

वस्तु एवं सेवा कर परिषद की 59 वीं बैठक में 12 व 28 फीसदी की पुरानी टैक्स स्लैब खत्म होने पर मुहर लगने पर उधमी और व्यापारियों महंगाई से राहत और कारोबार में बढ़त की उम्मीद जता रहे हैं।

Sep 06, 2025 06:38 pm ISTSunil Kumar हिन्दुस्तान
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कर अधिवक्ताओं व व्यापारियों ने जीएसटी के सरलीकरण होने कहा कि बाजार में बूम आएगा। बाजार में रुपया घूमने से आमजन से काफी राहत मिलेगी। इससे टैक्स में भी ईजाफा होगा। हाथरस शहर के औधौगिक नगरी कहा जाता है। कानपुर के बाद यहां के उधोगों का किसी समय पर दूसरा नम्बर था। यहां हींग, रंग गुलाल, हैडीक्राफ्ट, अचार मुरब्बा, नमकीन, बर्तन, स्पोर्ट जूते, दाल सहित कई उधोग संचालित होते हैं। हाथरस जिले में जीएसटी की अलग अलग दरों के चलते व्यापारियों को खासी मुशिकलों का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही जीएसटी की दरें अधिक होने से आमजन पर भी आर्थिक बोझ अधिक पड़ता था। कर अधिवक्ताओं की मानें तो अब तक 12 व 28 फीसदी टैक्स लग रहा था। सितंबर माह में नई दरें लागू होने से सात व दस फीसदी की कमी का असर कीमतों पर जल्द दिखने की बात कारोबारी कह रहे हैं। नए स्लैब के अनुसार कीमतों में कमी आएंगी।

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हाथरस में होता है बड़े पैमाने पर रेडीमेड का काम

हाथरस शहर में दो दर्जन से अधिक बडी इकाइयों में रेडीमेड का काम होता है। यहां से राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित देशभर में रेडीमेड कपड़ों की आपूर्ति होती है। साथ ही यहां पर चमड़े के जूते बनाने के लघु उधोग के रूप में कारखाने विकसित हैं। जीएसटी के बदले स्लैब से एक हजार से 25 सौ रुपये तक के व एक हजार से 25 सौ रुपये तक के जूते पर पांच प्रतिशत जीएसटी लागू होगी। इससे अमाजन को खासा फायदा होगा। इसके अलावा व्यवसायिक वाहन, एसी, फ्रिज, और 32 ईंच टीवी पर जीएसटी 18 फीसदी होने से व्यापारियों को लाभ होगा। खाधान, दवा, जैसी आम जरुरत चीजों पर जीएसटी कम होने से आम जनता की खरीदारी में ईजाफा होगा। इससे बाजार में बूम आएगा।

एक तारीख से लागू की जाती दरें तो अच्छा रहता

कर अधिवक्ताओं का कहना है कि केंद्र सरकार ने जीएसटी के स्लैब की दरों में जो बदलाव किया है। इससे आमजन व व्यापारियों को तो फायदा होगा। साथ ही यदि सरकार इस स्लैब को एक अक्तूबर से लागू करती है। कामकाज में परेशानी नहीं आती है। सात सात दिन का डाटा भेजना होगा। उसके बाद नए तरीके से स्लैब पर काम करना होगा।

नवरात्र से बाजार में बूम, खरीदारों को मिलेगी राहत

सरकार ने 22 सितंबर से जीएसटी के नए स्लैब को लागू करने की घोषणा की है। इस दौरान नवरात्र की शुरुआत होगी। पितृपक्ष के बाद नवरात्र से बाजार में खरीदारों की भीड़ बढती है। इससे बाजार में बूम आएगा। यह सिलसिला सहालगों तक लगातार जारी रहेगा। इससे शादी वाले परिवारों को भी सामान खरीद में खासी राहत मिलेगी। जेब पर टैक्स का बोझ कम होगा।

जीएसटी कार्यलय बने शहर में मिले बेहतर सुविधाएं

जीएसटी कार्यालय केवलगढी में बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसका सभी कर अधिवक्ताओं व व्यापारियों ने विरोध किया। इसके बाद कार्यालय शहर के वाटरवर्क्स में बनाने की हरी झंडी मिल गई। इसके लिए शासन को प्रस्ताव गया हुआ है। यदि शासन स्तर से जीएसटी कार्यालय को शहर के वाटरवर्क्स में बनने की हरी झंडी मिल जाए तो काफी राहत मिलेगी। जिस तरह से सरकार ने दरों में कमी की है। उसी तरह यहां भी नए कार्यालय के निर्माण के साथ व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं की जाए। जिससे राहत मिलेगी।

जीएसटी की दरों में गिरावट के साथ एक खिड़की बढ़े सुविधा

हाथरस शहर में एक दर्जन से अधिक उधोग संचालित होते हैं। सरकार के द्वारा जीएसटी की दरों को कम कर सरलीकरण किया गया है। इसी के साथ जिले में लगने वाले नए उधोगों के लिए एकल खिड़की की सुविधा को बेहतर बनाया जाए। ताकि टैक्स व अन्य काम आसानी हो सके। उधमियों को कामों के लिए एक कार्यालय से दूसरे कार्याल की डगर तय करनी पड़ती है।

खाध्य सामग्री से लेकर जीवन रक्षक दवांए होंगी सस्ती

पहले स्वास्थ्य बीमा पर 18 प्रतिशत टैक्स लगता था। अब टैक्स को खत्म कर दिया गया है। जिसका लाभ आम आदमी को मिलेगा। कुछ जीवन रक्षक दवाओं के रेट कम हुए हैं। इसके अलावा बच्चों की किताब, पैसिंल रबर आदि पर टैक्स को शून्य कर दिया। खंकरा, रोटी ब्रेड, पनीर, छैना को भी कर मुक्त किया गया है। आमजन को राहत मिलेगी।

मध्यम वर्गीय परिवार की होगी हजारों की बचत

जीएसटी की बढी हुई दरों के चलते आमजन को सामान खरीद पर टैक्स अधिक देना पड़ता था। इस कारण मध्यम वर्गीय परिवार बचत नहीं कर पाता था। अब जीएसटी में कई वस्तुओं को टैक्स से मुक्त कर दिया गया है। हर रोज उपयोग की वस्तुओं पर टैक्स की दरें कम हो गई है। इससे मध्यम वर्गीय परिवार की आसानी से बचत होगी।

शिकायत

जीएसटी रिर्टन भरते समय व्यापारी को एक थ्री जीएसटी वन फार्म भरना होता है। इसमें एचएसएन कोड होता है। अलग अलग अनिवार्य कर दिया गया है। सैंकड़ों आइटमों के सैंकड़ों कोड है। उसका फीड करना मेंनटेन करना छोटे व्यापारी के लिए संभव नहीं होगा।

जीएसटी में छोटी गलतियों पर जो नोटिस जारी होते हैं।

जीएसटी जब से लागू हुई तब संशोधन हुए हैं, लेकिन पैनल्टी व ब्याज दरें अधिक हैं।

जीएसटी सर्वे के दौरान व्यापारी के साथ कुशल व्यवहार किया जाए। जिससे व्यापारी भयभीत न हो।

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सुझाव

जीएसटी के जो नोटिस जारी होते हैं उनमें रियायत बरती जाएं। जिससे छोटे व्यापारी को राहत मिले।

जीएसटी रिर्टन भरते समय व्यापारी को एक थ्री जीएसटी वन फार्म में एचएसए कोड भरा जाता है। उसे सरल किया जाए।

जीएसटी अधिकारी व स्टॉफ को व्यापारियों के काम को सहयेाग की भावना से कार्य किया जाए।

जीएसटी में जब से लागू हुई तब से सुधार काफी हुआ है। संशोधन हो गए हैं। इसमें पैनल्टी व व्याज की दरं भी कम करनी चाहिए। व्यापारियों को अनावश्यक तरीके से उत्पीड़न न किया जाएग।

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मोदी सरकार ने इतिहासिक कदम उठाते हुए व्यापार जगत को बहुत बडी टैक्स से राहत दी है। सरकार की मंशा और प्रयास आमजन में सरकार के प्रति विश्वास में वृध्दि हुई है। जीसटी के सरलीकरण से व्यापारियों को लाभ होगा। भरत शर्मा, कर अधिवक्ता।

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हाथरस में नमकीन, बर्तन व रेडीमेड का बड़े पैमाने पर काम होता है। पहले ये कारोबारी अलग अलग स्लैब में टैक्स अदा कर रहे थे। अब पांच प्रतिशत की दर में शामिल होने से कारोबारियों को फायदा होगा। वहीं जीएसटी शून्य टू में स्लैब की दरें कम होने से आमजन से लेकर व्यापारी तक को काफी लाभ होगा। शरद अग्रवाल, उधमी।

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हाथरस जिले को नगरी को औधौगिक नगरी कहा जाता है। यहां मसाला, नमकीन सहित कई कारोबार संचालित होते हैं। जब टैक्स की दरें कम होंगी। इससे आमजन से लेकर व्यापारियों तक को खासी राहत मिलेगी। इससे महंगाई कम होगी। महंगाई पर विराम लगेगा। राजीव राज ग्रोवर कर अधिवक्ता।

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सरकार ने जीवन रक्षक दवाओं के स्लैब में कमी की है। सरकार ने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी को खत्म कर दिया है। इससे व्यापार को काफी राहत मिलेगी। आमजन को सस्ती दवाएं मिलेगी। विनोद अग्रवाल कर अधिवक्ता।

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आमजन को राहत देने और व्यवसाय जगत के लिए पारदर्शिता व सरलता सुनिश्चत करने की दिशा में सरकार का इतिहासिक कदम है। सरकार के इस निर्णय त्योहार से पहले आमजन की जेब पर टैक्स का बोझ कम होगा। इससे दिवाली पर खरीदारों का उत्साह भी बढ़ेगा। टैक्स स्लैब में बदलाव से आमजन को काफी फायदा होगा। प्रेमप्रकाश वाष्र्णेय, कर अधिवक्ता।

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जीएसटी काउंसिल बैठक में लिए गए फैसले आमजन और व्यापार जगत दोनों को राहत मिलेगी। जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों को जीएसटी से मुक्त कर दिया गया। आमजन को जरुरी सामान खरीदने में राहत मिलेगी। टैक्स स्लैब से जीएसटी में सरलता आएगी। गिरीश चंद्र शर्मा कर अधिवक्ता।

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अब चार दरों के स्थान पर सरल टैक्स प्रणाली लागू होगी। जिसमें केवल दो दरें होंगी। 18 प्रतिशत व पांच प्रतिशत जब कुछ विशेष वस्तुओं पर चालीस प्रतिशत डिमेरिट की दर रहेगी। इससे किसानों व श्रम प्रधान उधोगों को भी राहत मिलेगी। अब कृषि यंत्रों पर 12 प्रतिशत से पांच प्रतिशत किया गया है। इससे हाथरस के उधोगो को फायदा होगा। बृजकिशोर शर्मा, कर अधिवक्ता।

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जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए फैसले से आमजन को राहत मिलेगी। वहीं कारोबार सरल होने के साथ जिले में उधोग रफ्तार पकड़ेंगे। हाथरस में कृषि यंत्र से लेकर दवाओं तक बनाई जाती है। दिवाली से पहले सरकार ने बहुत अच्छा निर्णय लिया है। इससे महंगाई बोझ कम होगा दुर्गेश चतुर्वेदी, कर अधिवक्ता।

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पीएम नरेंद मोदी द्वारा यह एक इतिहासिक निर्णय लिया है। जीएसटी में कमी से खाने पीने चीजें, दवाएं, मनोरंजन व शिक्षा सामग्री सहित दैनिक जीवन में उपयोगी की जाने वाली वस्तु सस्ती हो गई। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर अब शून्य कर दी गई है। पीएम व वित्त मंत्री का का आभार व्यक्त करते हैं। भुवनेश वाष्र्णेय कर अधिवक्ता।

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जीएसटी की दरें कम होनेसे 90 प्रतिशत वस्तुएं सस्ती हो जाएगी। वस्तुओं के सस्ते होने बिक्री तेजी से बढेगी। उत्पादन बढेगा निर्यात का दबाब कम होकर घरेलू बाजार में खपत बढेगी। जिससे सरकारी नौकरियों में बढ़ोत्तरी होगी। महंगाई दर बहुत नीचे रहेगी। एक मध्यम परिवार को एक मध्यम परिवार को पांच हजार से लेकर दस हजार रुपये तक बचत होगी। शिक्षा के क्षेत्र में बूम आएगा। अन्य कारोबार में बूम आने की उम्मीद है। रामकुमार शर्मा, कर अधिवक्ता।

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मोदी सरकार ने जीएसटी में बदलाव कर उधोगों और व्यापारी जगत के साथ आमजन जन को बडी राहत दी है। अब पांच और 18 फीसदी दरें लागू रहेंगी। इससे आर्थिक विकास में बदलाव आएगा। अर्थ व्यवस्था को नई ऊंचाई मिलेगी। आकाश ठाकुर, कर अधिवक्ता।

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सरकार ने जीएसटी के स्लैब में बदलाव कर व्यापारी वर्ग व आमजन को दिवाली का तोहफा दिया है। दिवाली पर्व पर कपड़ा से लेकर इलेक्ट्रोनिक्स सामान तक की खरीदारी होती है। इससे बाजार में कारोबार रफ्तार पकड़ेगा। खाध्य सामग्री पर टैक्स शून्य होने से आमजन को काफी राहत मिलेगी। बृज बिहारी कर अधिवक्ता।

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पिछले कई वर्षो से जीएसटी को 12 फीसदी से पांच फीसदी करने की मांग की जा रही थी। सरकार ने जो स्लैब में बदलाव किया है। इस पर वित्तमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। इससे व्यापार करना अब आसान होगा। बाजार रफ्तार पकड़ेगा। मनोज अग्रवाल, उधमी।

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जीएसटी स्लैब बदलाव में एतिहासिक फैसला देश को विकसित और स्वदेशी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। सरकार ने व्यापारियों से जो वायदा किया था। उसे निभाया। इस फैसले से व्यापारी के साथ देश की आर्थिक उन्नति होगी। विकास में भी अधिक सहभागिता होगी। सुमित अग्रवाल, उधमी।

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मोदी सरकार के स्लैब बदलने के फैसले से व्यापार सुगम होगा। आमजन के साथ व्यापारियों के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने आम उपभोग की वस्तुओं पर टैक्स पांच फीसदी कर दिया है। कई खाध्य सामग्री पर शून् कर दिया है। इससे आमजन को काफी लाभ होगा। अमन वाष्र्णेय, कर अधिवक्ता। ।

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बीमा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सभी जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पॉलसियां को जीएसटी कर से मुक्त कर दिया गया है। आम आदमी को जरुरी सामान तेल, साबुन टूथपेस्ट नमकीन, काफी आदि पर जीएसटी टैक्स पांच प्रतिशत होने से आमजन की जेब पर टैकस का बोझ कम होगा। मनीष दीक्षित, कर अधिवक्ता।

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