Hathras News: प्राइवेट वाहन स्वामियों पर कार्रवाई के बाद वाहन स्वामियों ने की हड़ताल
Hathras News: शहर के एक कॉलेज के बाहर हंगामा करते प्राइवेटी छोटी गाड़ी वाले चालक। प्राइवेट वाहन स्वामियों पर कार्रवाई बाद वाहन स्वामियों नेप्राइवेट वाहन स्वामियों प

Hathras News: प्राइवेट वाहन स्वामियों पर कार्रवाई के बाद वाहन स्वामियों ने की हड़ताल हाथरस। नौनिहालों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एआरटीओ कार्यालय से चेकिंग अभियान चलाया गया। छह वाहनों को बंद करने के साथ दस वाहनों के चालान की कार्रवाई की गई। इससे नाराज प्राइवेट छोटी गाड़ी वालों ने हड़ताल कर दी। शनिवार को प्राइवेट वाहन स्वामियों ने गेट के बाहर हंगामा किया। गाडी वालों का कहना था कि बड़ी बसों पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है। ये क्षमता से अधिक बच्चों को लेकर आ रही हैं। सभी पर एक समान कार्यवाही की मांग की। गाड़ियों के न आने के कारण परिजनों को सुबह व दोपहर में स्कूल की दौड़ लगानी पड़ी। इस कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा。
हाथरस में स्कूलों के वाहन
हाथरस जिले में पचास से अधिक सीबीएसई के स्कूल है। इन स्कूलों में पांच सौ के करीब वाहन बच्चों स्कूली की दूरी तय कराने के लिए लगे हुए हैं। बीते महीने में स्कूलों में पहुंचकर वाहनों की फिटनेस की जांच की गई। एक जुलाई से शासन के निर्देश पर जिले में सेफ फ्यूचर के तहत अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार को चेकिंग के दौरान छह वाहनों को बंद करने क साथ दस वाहनों के चालान किए गए। इसके बाद प्राइवेट छोटी गाडी स्वामियों ने हड़ताल कर दी। शनिवार की सुबह काफी वाहन चालक शहर के अलीगढ रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल के बाहर पहुंचे। चालकों ने इस बात को लेकर हंगामा किया कि बड़ी बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को लाया जा रहा है।इसे लेकर हंगामा काटा। चालकों ने हड़ताल रखी। इस कारण बच्चों को सुबह छोड़न व दोपहर में लेने के लिए स्कूल की दूरी तय करनी पड़ी।
छोटी गाड़ी वालों को यह करना होगा तब चलेगा वाहन
प्राइवेट छोटी गाड़ी वालों को सबसे पहले एआरटीओ कार्यालय में पहुंचकर कन्वर्जन पांच सौ रुपये की फीस जमा करनी होगी। उसके बाद ढाई प्रतिशत वनटाइम टैक्स जमा करना होगा। जिसमें 11 हजार रुपये के करीब खर्चा आएगा। साढ़े सात हजार रुपये परमिट फीस जमा करनी होगी। कुल मिलाकर छोटी गाड़ी वालों को स्कूली वाहन में कन्वर्ट कराने के लिए बीस हजार रुपये की राशि जमा करनी होगी। उसके बाद इन वाहनों पर कार्यवाही का शिकंजा कम होगा।
बडी बस वालों को यह करना होगा
शहर के स्कूलों में ठेका प्रथा पर जो बसें चल रही है। उनको कैरिज एग्रीमेंट करना होगा। अभिभावन से शपथ पत्र लेंगे।जिसमें बच्चे का नाम,मोबाइल नम्बर, पता किस क्लास में पढ़ता है। आदि जानकारियों का एग्रीमेंट करना होगा।साथ ही वाहन पर चालीस सेंटीमीटर पीली पट्टी लगी होनी चाहिए। जिन बसों में साइड में रॉड नहीं है। उन्हें अपनी रॉड लगवानी होगी। स्कूल के प्रिसिपल को देना होगा। फिर प्रिसिपल उसमें यह लिखते हुए फारवर्ड करेंगे यह बच्चा हमारे यहां पढ़ता है। टीटीजेड क्षेत्र में जैसे सादाबाद में डीजल वाहन दस साल टीटीजेड के बाहर पंद्रह साल की अवधि है। इससे अधिक अवधि होने पर वाहन का संचालन नहीं कर सकते हैं।
वर्जन
प्राइवेट छोटे वाहन स्वामी अपने वाहन का कन्वर्जन कॉस्ट जमा कर परमिट लें लें। वाहन को प्राइवेट से कामर्शियल करा लें। वाहन ढाई प्रतिशत वन टाइम टैक्स जमा करें। जिससे उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। बड़े वाहन स्वामी विधालय व परिजनों से बच्चों को लाने ले जाने का एग्रीमेंट कराएं। इसकी सूचना एआरटीओ कार्यालय में देंगे। जो प्राइवेट बड़े वाहन बच्चो को लाने में प्रयोग हो रहे हैं। वह वाहन पर चालीसमीटर तक पीली पट्टी व रॉड आदि लगी होनी चाहिए। बस में बेब कैमरा लगना होना चाहिए। सभी वाहनों पर एक समान कार्यवाही की जा रही है। चेकिंग अभियान लगातार जारी है। लक्ष्मण प्रसाद, एआरटीओ हाथरस।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


