ओपीडी और इमरजेंसी पेट दर्द के साथ उल्टी और डायरिया के मरीज बढ़े

Newswrap हिन्दुस्तान, हाथरस
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ओपीडी और इमरजेंसी पेट दर्द के साथ उल्टी और डायरिया के मरीज बढ़े

हाथरस। तापमान बढ़ने के साथ ही पेट संबंधी बीमारियां हावी हो चली हैं। सबसे ज्यादा पेट दर्द, उल्टी और दस्त के मरीज आरहे हैं। हर उम्र के लोग पीड़ित हैं। शहर के बागला संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में सोमवार को सबसे ज्यादा यही मरीज रिकार्ड किए गए। इसके अलावा ओपीडी में अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित 1800 से अधिक मरीज पहुंचे। जिसमें वायरल, सर्दी, जुकाम, आंख और शरीर में एलर्जी के भी मरीज पहुंचे। चिकित्सकों द्वारा मरीजों को देखे जाने के साथ बीमारियों से बचाव की सलाह दी गई। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को खुले शहर के बागला संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी के पर्ची काउंटर पर सुबह आठ बजे से मरीज और तीमारदारों की लंबी-लंबी लाइन लगी रही। काफी देर लाइन में लगने के बाद मरीजों का नंबर आया। ऐसी ही तस्वीर ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष के बाहर दिखाई दी। यहां बाल रोग विशेषज्ञ से लेकर अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। ओपीडी में 1800 से अधिक नए और पुराने मरीज पहुंचे। जिसमें लगभग 200 से अधिक मरीज पेट दर्द, उल्टी और डायरिया पेट संबंधी बीमारियों के पहुंचे। खराब और बासा खाना, बाजार का खाना खाने के बाद लोगों में ऐसी दिक्कत बढ़ीं हैं। साथ ही अधिक गर्मी में बाहर रहने से भी पेट खराब हो रहे हैं। बच्चों को उल्टी और दस्त की सबसे ज्यादा शिकायतें रहीं।

बाहर न निकलने की सलाह

इसके अलावा सर्दी, जुकाम, वायरल, आंखों में और शरीर में धूप की वजह से हो रही एलर्जी से पीड़ित मरीज भी पहुंचे। चिकित्सकों ओपीडी में सोमवार को 1800 से अधिक मरीज आए। जिसमें नए और पुराने दोनों ही शामिल हैं।इनमें 2570 नए मरीज शामिल थे। चिकित्सकों द्वारा सभी मरीजों को देखा गया और उन्हें दवा उपलब्ध कराई गई। जिन मरीजों को ड्रीप चढ़ाने की आवश्यकता थी उन्हें इमरजेंसी और वार्ड में भेजा गया।

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हीट वेव के दौरान सावधानियाँ

दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर न निकलें:

हीट वेव के दिनों में बाहर निकलना खतरनाक है। सबसे ज्यादा गर्मी दोपहर 12 से लेकर 4 बजे तक रहती है। सूरज सीधे आसमान पर होता है। अच्छा रहे कि इस दौरान बंद और ठंडे स्थानों पर रहा जाए। जरूरी काम भी शाम पांच बजे के बाद किए जाएं तो सेहत के लिए ठीक रहेगा। सुबह 11 बजे तक काम निपटाए जा सकते हैं। 12 बजे के बाद हीट स्ट्रोक का खतरा लगातार बढ़ता जाएगा।

खाने की सावधानियाँ

इनसेट:

बासी खाना नहीं खाएं, यह आपको कर देगा बीमार:

किसी भी स्थिति में बासा खाना नहीं खाना चाहिए। यानि अगले दिन नहीं खाना चाहिए। बेशक वह फ्रीज में सुरक्षित ही क्यों न रहे। उस पर बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इन दिनों संक्रमण तेजी से फैलता है, इसलिए भीड़भाड़ वाले स्थान पर, ठेलों पर खुले में रखा खाना न खाएं। बाजार में पका, भुना, तला हुआ खाना बीमार कर सकता है। बीमार होने पर खुद दवाई न लें, चिकित्सक को ही दिखाएं।

हीट स्ट्रोक का उपचार

इनसेट:

हीट स्ट्रोक आने पर मरीज को ठंडे स्थान पर ले जाएं:

इन दिनों हीट स्ट्रोक पड़ना स्वाभाविक है। विशेषकर शुगर, हाई बीपी, हृदय रोगियों को दिक्कत हो सकती हैं। इसलिए, हीट स्ट्रोक पड़ने पर मरीज को तत्काल ठंडे स्थान पर ले जाएं। पूरे शरीर को गीले कपड़े से पोछे। हथेलियों और तलवों पर भी यही प्रक्रिया करनी चाहिए। साथ ही डाक्टर से संपर्क करना चाहिए। थोड़ी देर बाद ठंडा पानी पिलाएं और इसी दौरान डाक्टर से संपर्क भी जरूर करें।

मरीजों की बढ़ती संख्या

वर्जन::

तापमान बढ़ने के साथ ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। उल्टी, दस्त और पेट संबंधी बीमारियों के साथ ही वायरल, सर्दी, जुकाम और एलर्जी के मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों को दवा उपलब्ध कराए जाने के साथ बचाव की सलाह दी जा रही है।

---डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस, बागला संयुक्त जिला अस्पताल।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तापमान बढ़ने से कौन सी बीमारियाँ बढ़ रही हैं?
तापमान बढ़ने के साथ पेट दर्द, उल्टी और दस्त की बीमारियाँ बढ़ रही हैं।
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