गर्मी में बच्चे हो रहे बीमार,अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की भीड़
Hathras News - गर्मी के चलते उल्टी और दस्त के मरीजों की बढ़ रही संख्या गर्मी में बच्चे हो रहे में बढ़ रही मरीजोंगर्मी में बच्चे हो रहे में बढ़ रही मरीजोंगर्मी में बच

हाथरस: इस भीषण गर्मी व उमस ने छोटे बच्चों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उल्टी व दस्त की शिकायत लगातार छोटे बच्चों को रही रही है। जिस वजह से सरकारी व निजी अस्पतालों में बीमार बच्चों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। तो इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे। ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप चिकित्सक मासूम बच्चों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। पिछले कई दिनों से तापमान लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दोपहर को यह स्थिति हो जाती है कि लोग अपने घरों से बाहर निकलना जरूरी नहीं समझते। लगातार बढ़ती जा रही गर्मी की वजह से छोटे बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मौसम बदलते ही लोगों की सेहत पर असर साफ दिखने लगा है, खासकर छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. पहले मार्च के महीने में हल्की गर्मी रहती थी,लेकिन इस बार तापमान अचानक बढ़ गया है। जिससे बच्चों की सेहत पर इसका सीधा असर पड़ा है. अस्पतालों में भी बच्चों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. डॉक्टरों के अनुसार, मौसम के अचानक बदलने से बच्चों की इम्युनिटी बर हो जाते हैं. यही वजह है कि इन दिनों अस्पतालों में बीमार बच्चों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी अस्पताल के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बीमार बच्चे प्रतिदिन काफी संख्या में उपचार कराने के लिए अपने तीमामदारों के साथ पहुंचते हैं। चिकित्सक की माने तो गर्मियों के मौसम में तेज गर्मी और लंबे समय तक धूप में रहने से बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि उनका शरीर वयस्कों की तरह तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता है। जब बच्चों को बहुत ज्यादा गर्मी लगती है, तो उन्हें तेजी से डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), हीट एग्जॉशन (गर्मी से थकावट), और ज्यादा गंभीर मामलों में, हीटस्ट्रोक भी हो सकता है।
झोलाछाप कर रहे मनमानी
सरकारी तंत्र के पास पर्याप्त चिकित्सकों के न होने के कारण स्वास्थ्य केंद्रों पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गांवों झोलाछाप चिकित्सकों का धंधा काफी फल फूल रहा है। अपनी मनमानी गांवों में झोलाछाप चिकित्सक करते हैं। जिस वजह से मासूमों की जिंदगी पर बन आती है। पूर्व में कई मामले ऐसे हो चुके है। जहां झोलाछाप चिकित्सकों के इलाज के चलते मासूमों की मौत हो गई। इस गर्मी के दिनों में झोलाछाप चिकित्सकों पर काफी संख्या में बच्चों को लेकर अपने तीमामदार पहुंच रहे है। झोलाछाप चिकित्सक अपनी मनमानी करने में लगे हुए हैं।
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