बारहवीं पास, अब उच्च शिक्षा के लिए भटकेंगे विद्यार्थी

Newswrap हिन्दुस्तान, हाथरस
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Hathras News - जिले में उच्च शिक्षा को लेकर संसाधनों का विशेष अभाव, ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को दूसरे जनपद में जाकर लेनी पड़ती शिक्षा

बारहवीं पास, अब उच्च शिक्षा के लिए भटकेंगे विद्यार्थी

हाथरस। जनपद हाथरस को बने हुए करीब 23 साल हो गए,लेकिन आज भी शिक्षा के क्षेत्र में जिला काफी पिछड़ा हुआ है। उच्च शिक्षा के नाम पर जिले में सिर्फ दो पालीटेक्निक कालेज संचालित है। यदि एमसीए या एमबीए आदि इंटर पास करने के बाद करनी हो। तो छात्र छात्राओं को दूसरे जनपदों का रूख करना पड़ता है। ऐसे में गरीब तबके के विद्यार्थी आर्थिक तंगी की वजह से दूसरे जिलों में जाकर अपनी मनमाफिक पढ़ाई नहीं कर पाते है। बुधवार को सीबीएसई बोर्ड की ओर से बारहवीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया। आज भी तमाम छात्र छात्राएं बारहवीं की परीक्षा को पास करने के बाद एमबीए,एमसीए सहित अन्य उच्च शिक्षा से जुड़े कोर्सों को करके अपने भविष्य को संवारते है।

जनपद हाथरस में रहने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का लाभ नहीं मिल पाता है। यहां मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेज नहीं है। तो सिर्फ उच्च शिक्षा के नाम पर एमजी पालीटेक्निक और राजकीय पालीटेक्निक है। पिछले दिनों जहां यूपी बोर्ड का बाहरवीं का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया। तो वहीं बुधवार दोपहर को सीबीएसई बोर्ड की ओर से बाहरवीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया। परीक्षा परिणाम घोषित हो जाने के बाद अब छात्र छात्राएं अपनी आगे की पढ़ाई सुचारू रखेंगे। परीक्षा बात हायर एजूकेशन की करें तो यहां महाविद्यालयों की भरमार है। जिसमें तीन से चार विद्यालय एडेड है। तो बाकी सेल्फ फाइनेंस के रूप में चलते है। वित्तविहीन महाविद्यालयों में मनमानी फीस संचालकों के स्तर से वसूली जाती है। अब उच्च शिक्षा के जरिए अपना भविष्य संवारने के लिए दूसरे जनपदों का रूख करना पड़ेगा।

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