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विशेषज्ञ डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मी है नहीं, शोपीस बने वेंटिलेटर बेड

विशेषज्ञ डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मी है नहीं, शोपीस बने वेंटिलेटर बेड

संक्षेप:

Hathras News - स्वास्थ्य:विशेषज्ञ डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मी है नहीं, शोपीस बने वेंटिलेटर बेडविशेषज्ञ डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मी है नहीं, शोपीस बने वेंटिलेटर बेडविशेषज्ञ डॉक्ट

Jan 03, 2026 12:41 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हाथरस
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हाथरस। शहर के बागला संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में स्थित एमडीटीबी हॉस्पिटल को कोरोना काल में मिले 18 वेंटिलेटर बेड विशेषज्ञ चिकित्सक व प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की कमी की वजह से शोपीस बने हुए हैं। गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2020 में आई वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से दम तोड़ गई थीं। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में बेड की कमी पड़ गई थी। कई मरीजों ने तो अस्पताल में बेड और ऑक्सीजन नहीं मिलने के चलते दम तोड़ दिया था। महामारी से सबक लेते हुए सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे और वेंटिलेटर बेड भेजे गए थे।

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पीएम केयर फंड से शहर के एमडीटीबी हॉस्पिटल को 18 और बागला संयुक्त जिला अस्पताल को चार वेंटिलेटर बेड उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन आज पांच साल बाद शहर के एमडीटीबी हॉस्पिटल को मिले वेंटिलेटर बेड शोपीस बने हुए हैं। चार साल बाद भी इन बेडों का संचालन नहीं हो पाया है। इसकी मुख्य वजह अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी होना है। अगर शासन द्वारा एमटीडीबी हॉस्पिटल में चल रही विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर कर दिया जाता है तो निश्चित ही यहां आने वाले गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को इन वेंटिलेटर बेड का लाभ मिल सकेगा। वर्जन: कोरोना काल के दौरान पीएम केयर फंड से जिला अस्पताल और एमडीटीबी हॉस्पिटल को मिले वेंटिलेटर बेड पूरी तरह से एक्टिव हैं। जिला अस्पताल में उपलब्ध सभी वेंटिलेटर बेड कार्य कर रहे हैं। एमडीटीबी हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित स्टाफ कमी है। इस वजह से वेंटिलेटर बेड के प्रयोग में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में लगातार उच्चधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है और विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती की मांग की जा रही है। -डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, एमडीटीबी हॉस्पिटल।