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7 जुलाई, 2020|8:58|IST

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टिड्डी के खेतों पर हमले को लेकर किसान रहें सावधान

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पाकिस्तान से आए टिड्डी दल के राजस्थान व हरियाणा में फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद उत्तर प्रदेश में फसलों पर टिडड्ी दल का खतरा लगातार बना हुआ है। इसे लेकर कृषि विभाग द्वारा किसानों को जागरुक करने व टिड्डी दल से फसलों को बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है।

कृषि विभाग के मुताबिक टिडड्ी दल समूह रात्रि के समय खेतोे में रूककर फसलों को नुकसान पहुंचाता है। जमीन में लगभग 500 से 1500 अंडे प्रति मादा कीट देकर सुबह उड़ कर के दूसरी ओर चला जाता है। टिडड्ी दल के समूह में लाखों की संख्या होती है। ये जहां भी पेड़ पौंधे या अन्य वनस्पति दिखाई देती हैं। उसको खाकर आगे बढ़ जाते हैं। टिडड्ी दल के प्रकोप से बचाव हेतु किसानों को सलाह दी जाती अपने स्तर पर अपने गांव में समूह बनाकर खेतो में रात्रिकालीन के समय निगरानी रखें।

टिडड्ी दल प्रकोप होने पर किसान को सलाह:

- किसान भाई इस कीट की निगरानी रखें। यह कीट किसी भी समय खेतों में आक्रमण कर क्षति पंहुचा सकता है। शाम 7 बजे से 9 बजे के मध्य यह दल रात्रिकालीन विश्राम के लिए कही भी बैठ सकते हैं। जिसकी पहचान एवं जानकारी के लिए स्थानीय स्तर पर दल बनाकर निगरानी रखें।

- जैसे किसी गांव में टिड्डी दल के आक्रमण एवं पहचान की जानकारी मिलती है तो त्वरित गति से स्थानीय प्रशासन व कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर जानकारी दें।

- यदि टिडडी दल का प्रकोप हो गया है तो सभी किसान टोली बनाकर विभिन्न तरह की परंपरागत उपाय जैसे ढोल, डीजे बजाकर, थाली, टीन के डिब्बे से शोर मचाकर, ट्रैक्टर का सायलेंसर निकालकर चलाकर, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से आवाज कर खेतों शोर करें।

- यदि शाम के समय टिड्डी दल्ल का प्रकोप हो गया है तो टिड्डी की विश्राम अवस्था में सुबह 3 बजे से 5 बजे के बीच में तुरंत निम्न कीटनाशी दवाएं ट्रैक्टर चलित स्प्रे पंप (पावर स्प्रेयर) से दवा क्लोरोपायरीफास 20 ईसी 200 मिली. या लेम्डासाईलोथ्रिन 5 ईसी. 400 मिली. या डाईफ्लूबेन्जूरान 25 डब्ल्यूपी, 240 ग्राम प्रति है. 500 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

- रासायनिक कीटनाशी पावडर फेनबलरेट 0.4 प्रतिशत 20-25 कि.ग्रा. या क्यूनालफ़ास 1.5 प्रतिशत 25 किग्रा. प्रति है. भुरकाव करेे

- किसान यदि टिड्डी दल के आक्रमण हो जाने के बाद यदि कीटनाशी दवा उपलब्ध न हो, इस दशा में टै्रक्टर चलित (पावर स्प्रेयर) के द्वारा तेज बौछार से भी भगाया जा सकता है।

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  • Web Title:Farmers should be careful about the attack on grasshopper fields