
लिपिक व लेखाकार पर पद के दुरुपयोग शिकायत
Hathras News - हाथरस डिपो में तैनात लिपिक व लेखाकार पर पद के दुरुपयोग की एमडी से शिकायत लिपिक व लेखाकार पर के दुरुपयोग शिकायतलिपिक व लेखाकार पर के दुरुपयोग शिकायतलि
हाथरस। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद हाथरस शाखा के अध्यक्ष वीरी सिंह ने डिपो के लेखाकार एवं लिपिक द्वारा वित्तीय अनियमितता, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के अधिकारों का अनुचित प्रयोग करने का आरोप लगाया है। इस सम्बंध में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को एक शिकायती पत्र के माध्यम से कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री एवं रक्षाबंधन प्रोत्साहन योजनाओं में गबन, संविदा कर्मचारियों के वेतन से अवैध कटौती, उत्पीड़न, धमकी, मानसिक प्रताड़ना, मानवाधिकार हनन तथा सेवा नियमावली व संविधान के उल्लंघन किया है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से की गई शिकायत में कहा गया है।
डिपो में तैनात लेखाकार एवं लिपिक ने बीते कई वर्षों से न केवल वित्तीय गबन व पद का दुरुपयोग किया जा रहा है, बल्कि कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार मानसिक उत्पीड़न एवं शासनादेशों की अवहेलना की जा रही है। मुख्यालय का आदेश था कि केवल उन चालकों और परिचालकों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी जिनका लोड़ फैक्टर 64 प्रतिशत से अधिक हो, लेकिन कम लोड फैक्टर कम वालों को इसका लाभ दिया गया। जब इस पर आपत्ति जताई गई तो लेखाकार और लिपिक द्वारा कहा गया कि हमें कौन रोक सकता है, जिसे चाहेंगे उसे दिलवाएंगे। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना (कुंभ मेला रूपया 10,000) में पात्र कर्मचारियों को वंचित करना। मुख्यमंत्री की विशेष योजना के अंतर्गत उकृष्ट सेवा के लिये 10 हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाना था,लेकिन एक पात्र कर्मचारी को जानबूझकर वंचित किया, जबकि कम पात्र कर्मचारियों को लाभ दिया गया। वहीं संविदा चालकों व परिचालकों के वेतन से बिना किसी नियम या आदेश के मनमानी कटौती की गई। जिसमें परिचालक अर्जुन सिंह के वेतन से 29 सौ रुपये काटे गए जिसमें लोड फैक्टर गलत दर्शाया गया। इस पर कर्मचारी ने आपत्ति की तो उसे धमकाया। और कहा गया कि आप लोहिया ग्रामीण बस सेवा पर हैं, घाटे में हैं। कटौती जारी रहेगी। चालकों के वेतन से एक साथ सभी चलानों की कटौती कर देना और चालकों का वेतन शून्य हो जाना और बहुत ही निम्न वेतन आना जिससे कि वह नौकरी छोड़कर के भाग जाएं और निगम कार्य में बाधा उत्पन्न हो। डिपो के कई कर्मचारियों ने जिला अधिकारी को लिखित शिकायतें दी हैं। कमचारियों की तरफ से रक्षाबंधन योजना व मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना में हुई वित्तीय अनियमितताओं की लोकायुक्त, सतर्कता, मानवाधिकार आयोग से संयुक्त जाच कराई जाए। दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा अनय धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए। निगम स्तर पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर भविष्य में पुनरावृति रोकी जाए। सभी वित्तीय अभिलेख, लोड फैक्टर रिपोर्ट एवं प्रोत्साहन भुगतान की जांब विजिलेंस से कराई जाए।

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