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हरदोईतीन दिन में दो किसानों को सांड़ ने पटककर मार डाला

हिन्दुस्तान टीम,हरदोईPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:51 AM
तीन दिन में दो किसानों को सांड़ ने पटककर मार डाला

हरदोई। कार्यालय संवाददाता

जिले में अन्ना मवेशियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। खेतों में हरी भरी फसलें देखकर अन्ना मवेशियों के झुण्ड अपनी भूख मिटाने के लिए वहां पहुंच जाते हैं। जब किसान उन्हें भगाकर फसल बचाने की कोशिश करते हैं तो अक्सर अन्ना सांड़ पलटवार करते हुए हमला कर देते हैं। इससे कभी किसान घायल हो जाते हैं तो कभी जान गंवाते हैं। जिले में तीन दिन के अंदर दो ग्रामीणों की जान आवारा सांड़ ले चुके हैं। इससे लोंगों में दहशत व्याप्त हो गई है।

आवारा सांड़ ने किसान को पटका, मौत

हरदोई। संवाददाता

पिहानी कोतवाली क्षेत्र में एक किसान को सांड ने पटक दिया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर छानबीन की।

पिहानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर निवासी मदन खेतीबाड़ी करते थे। परिजनों ने बताया कि मदन रविवार शाम को गांव के बाहर खेत में जानवर चरा रहा था। उसी समय एक आवारा सांड़ ने हमला कर दिया। मदन को सींगों से उठाकर सांड़ ने जमीन पर पटक दिया। चीखपुकार सुनकर आसपास खेतों में मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाया। घटना की जानकारी परिजनो को दी। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मदन के परिवार में पत्नी राजकुमारी और तीन बेटे व दो बेटियां हैं। पूरे इलाके में अन्ना मवेशियों का आतंक है। वे फसल चरते हैं। खेत से भगाने पर अक्सर आवारा सांड़ हमलावर हो जाते हैं।

तीन दिन पहले हुसैना गांव में किसान ने जान गंवाई थी

हरदोई। बेहटागोकुल थाना इलाके के गांव हुसैना में दो दिन पहले अन्ना मवेशियों के हमले में एक किसान की जान चली गई थी। हुसैना गांव निवासी गोवर्धन लाल खेती-बाड़ी करते थे। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को वह खेत पर गए थे। वहां फसल खा रहे मवेशियों को खदेड़ने लगे। इस पर सांड़ ने उनके ऊपर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वृद्ध किसान ही बनते हैं शिकार

अन्ना सांड़ के हमले के दौरान युवा किसान तो भागकर जान बचा लेते हैं लेकिन वृद्ध किसान उनका शिकार बन जाते हैं। 28 नवंबर 2020 को ककरई नकटौरा गांव निवासी आशाराम सांड़ के हमले में असमय मौत के मुंह में समा गए थे। उन्हें खेत पर जाते समय रास्ते में सांड़ ने पटक दिया था। कुछ देर बाद ही उनके प्राण निकल गए थे।

जिले में अन्ना मवेशियों की संख्या करीब 21 हजार

इनमें से 7 हजार से ज्यादा मवेशी खुले में घूम रहे

जिले भर में 110 गोशालाएं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हैं। इनमें 14 हजार मवेशी बंद किए गए है।

18 गौशालाएं नगर पालिका व नगर पंचायत स्तर पर चल रही हैं।

5 काजी हाउस शहरी क्षेत्र में बने हैं।

9 कान्हा गौशालाएं निर्माणाधीन हैं।

अन्ना मवेशियों की समस्या पर काफी अंकुश लगा है। जल्द ही कान्हा गौशालाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद इधर उधर घूम रहे मवेशियों को पकड़कर वहां पहुंचाया जाएगा। किसानों को सांड़ के हमले से बचने के लिए समय-समय पर जागरूक भी किया जाता है। -डॉ. जेएन पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

तमाम टैग लगे मवेशी भी गोशालाओं से निकलकर बाहर घूम रहे हैं। गोशालाओं में चारा व पानी का प्रबंध मानकों के अनुसार न होने से आए दिन मवेशी वहां से भाग खड़े होते हैं। किसानों की फसल का 20 से 25 फीसदी हिस्सा अन्ना मवेशी चर जाते हैं। -रावेंद्र सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष

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