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गुब्बारा बना मौत का कारण, आठ माह के मासूम की दम घुटने से मौत

गुब्बारा बना मौत का कारण, आठ माह के मासूम की दम घुटने से मौत

संक्षेप:

Hardoi News - पाली में एक आठ महीने के बच्चे की गुब्बारे के कारण मौत हो गई। बच्चे ने खेलते समय गुब्बारा मुँह में डाल लिया, जिससे उसकी सांस की नली में फंस गया और वह बेहोश हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार में शोक का माहौल है।

Jan 30, 2026 05:51 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हरदोई
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पाली। एक छोटा सा गुब्बारा आठ माह के मासूम बच्चे की मौत का कारण बन गया। गले में गुब्बारा फंसने से दम घुटने पर सिपाही के बेटे की मौत हो गई। घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कस्बे स्थित पाली थाना परिसर में तैनात सिपाही टीटू न्यायालय में कोर्ट पैरोकार हैं। थाना परिसर स्थित आवास में अपनी पत्नी सुषमा, आठ माह के बेटे सूर्यांश और 12 वर्षीय भांजी संग रहते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे सिपाही टीटू डाक लेकर हरदोई चले गए। तब घर में सुषमा, भांजी और मासूम सूर्यांश थे। बताते हैं कि दोपहर करीब 11 बजे अकेले खेलते-खेलते सूर्यांश ने गुब्बारा मुंह में डाल लिया, जो सांस की नली में जाकर फंस गया।

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इससे वह बेहोश हो गया। कुछ देर बाद सुषमा ने बच्चे को शांत देखा तो उसे सोता समझा। इसके बाद घरेलू काम में जुट गईं। कुछ समय बाद जब बच्चे को झटके आने लगे तो अचानक सुषमा की नजर उस पर पड़ी। बच्चे को बेसुध देखकर घबरा गई और उसे बाहर लेकर आई। सर्दी या सांस की दिक्कत समझकर उसने थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को सूचना दी। कांस्टेबल तेजवीर बच्चे को पीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुषमा ने डॉक्टर को बताया कि बच्चा गुब्बारे से खेल रहा था। इसके बाद पुलिसकर्मी आवास पर गुब्बारा देखने गए पर वहां कुछ नहीं मिला। इसी बीच पीएचसी में नर्स द्वारा बच्चे के गले की जांच करने पर एक फूला हुआ छोटा गुब्बारा बाहर निकाला पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पीएचसी प्रभारी डॉक्टर आनंद शुक्ला ने बताया कि बच्चे की मौत पीएचसी लाए जाने से लगभग आधा घंटा पहले ही हो चुकी थी। गले से गुब्बारा निकाल दिया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलने पर सिपाही टीटू गहरे सदमे में आ गए और बेटे का शव लेकर अपने पैतृक कस्बा और जनपद बदायूं चले गए। इस हृदयविदारक घटना से परिजनों में गम का माहौल है।