आठ वर्षीय बच्ची की मौत पर परिजनों आक्रोश, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
शाहाबाद के गांव परियल में आठ साल की बच्ची की मौत के बाद तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि बच्ची की मौत सदमे से हुई। पुलिस ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। एसडीएम के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने पथराव किया, जिसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

शाहाबाद। गांव परियल में आठ साल की बच्ची की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्ची की मौत सदमे से हुई है। वहीं, पुलिस ने आरोप बेबुनियाद बताए हैं। सोमवार को एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा और ग्रामीणों में निरीक्षण के दौरान नोकझोंक हुई थी। तभी कुछ ग्रामीणों ने एसडीएम पर पथराव कर दिया। इससे उनके सिर पर चोट लग गई। घटना के बाद गांव पहुंचे पुलिस बल ने कई को हिरासत में लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत के घर में घुसकर तोड़फोड़ की तथा कई लोगों से मारपीट भी की।
गांव के राममोहन ने बताया कि वह अपनी आठ साल की बेटी रूबी के साथ एक भंडारे में गया था। लौटते समय पुलिस ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि बेटी रूबी मारपीट देखकर घबरा गई और सदमे में आकर बेहोश हो गई। पुलिस राममोहन को अपने साथ थाने ले गई। रात करीब 12 बजे बच्ची की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत की सूचना पर परिजन थाने पहुंचे और राममोहन को छोड़ने की गुहार लगाई। परिजनों का कहना है कि काफी अनुरोध के बाद पुलिस ने रात करीब एक बजे राममोहन को छोड़ा। उसका कहना है कि एसडीएम के साथ हुई घटना से कोई लेना-देना नहीं था। बावजूद उसे पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी मार्तण्ड प्रकाश सिंह के मुताबिक, बच्ची को काफी तेज बुखार था। परिजन रो रहे थे। इसकी जानकारी होने पर उसे अस्पताल पुलिस से ही भिजवाया गया था, जहां उसकी मौत हुई है। सदमे में मौत के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।
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