10-12 घंटे की अघोषित कटौती से लोग बेहाल
Hardoi News - मल्लावां में बिजली संकट ने विकराल रूप ले लिया है। 10 से 12 घंटे की अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। लोग छतों पर सोने को मजबूर हैं। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति सुधार नहीं हुई तो आंदोलन होगा।

मल्लावां। मल्लावां कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट ने विकराल रूप ले लिया है। 10 से 12 घंटे की अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। रात में घंटों बिजली गुल रहने से लोग छतों पर सोने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी रामकुमार, गोविंद शुक्ला, अनिल कुमार, महेंद्र कुमार श्रीवास्तव, वीरेंद्र कुमार, मंटू, विनय कुमार और योगेश सोनी ने बताया कि बिल पूरा जमा करने के बावजूद 24 घंटे में लगातार छह घंटे भी बिजली नहीं मिलती। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि जल्द आपूर्ति नहीं सुधरी तो आंदोलन होगा। दिन-रात मिलाकर सिर्फ 8-10 घंटे ही बिजली मिल रही है।
रात 10 बजे गई बिजली कई घंटे बाद आती है। वोल्टेज 180 से भी कम रहने के कारण पंखे-कूलर नहीं चल पा रहे हैं और मोटरों से पानी नहीं चढ़ रहा है। ओवरलोड के चलते हर दूसरे दिन ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, जिनकी मरम्मत में 2-3 दिन लग जाते हैं।बिजली संकट से पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। इन्वर्टर जवाब दे चुके हैं। छात्रों की पढ़ाई और ऑनलाइन काम ठप है। छोटे दुकानदारों का कारोबार चौपट हो रहा है। अस्पतालों में भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल हैं। जेई एहतेशाम अहमद का कहना है कि रोस्टर के मुताबिक कटौती की जा रही है। लोकल फाल्ट व ओवरलोड की वजह से दिक्कत आ रही है। ऊपर से शेड्यूल मिलते ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाती है।
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