सांडी में रेल का इंतजार जारी, बीते साल भी नहीं शुरू हुआ काम

Mar 09, 2026 08:59 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हरदोई
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Hardoi News - हरदोई के सांडी क्षेत्र के लोग लंबे समय से रेल सेवा की बहाली का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल भी उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। 2019 में रेलवे ने हरदोई से गुरसहायगंज तक रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई थी, लेकिन परियोजना पर कोई प्रगति नहीं हुई है। अब नए साल में लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं।

सांडी में रेल का इंतजार जारी, बीते साल भी नहीं शुरू हुआ काम

हरदोई, संवाददाता। अंग्रेजों के जमाने में सांडी से होकर गुजरने वाली रेल सेवा बंद होने के बाद से क्षेत्र के लोग दोबारा रेल चलने का इंतजार कर रहे हैं। बीते साल भी लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं और अब नए साल में इस परियोजना के आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। करीब बीस वर्षों से सांडी में रेल लाओ संघर्ष समिति क्षेत्र में रेल सेवा शुरू कराने के लिए आंदोलन कर रही है। समिति के अध्यक्ष डॉ. पंकज त्रिवेदी के नेतृत्व में जिले से लेकर दिल्ली तक कई बार प्रदर्शन और ज्ञापन दिए गए। इसके बाद वर्ष 2019 में रेलवे ने हरदोई से वाया सांडी होते हुए गुरसहायगंज तक रेल लाइन बिछाने की योजना को पिंक बुक में शामिल किया था।

उत्तर रेलवे की उप मुख्य अभियंता दीपिका द्वारा 14 फरवरी 2023 को दी गई जानकारी के अनुसार लगभग 59.30 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के निर्माण के लिए करीब 1302 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया था। बाद में 30 नवंबर 2023 को भेजे गए पत्र में हरदोई से गुरसहायगंज तक करीब 63.70 किलोमीटर रेल लाइन का सर्वेक्षण पूरा कर डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजे जाने की जानकारी दी गई। इसके बाद भी परियोजना पर काम आगे नहीं बढ़ पाया। पिछले वर्ष 27 सितंबर को क्षेत्रीय सांसद जयप्रकाश रावत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर सांडी रेल परियोजना को मंजूरी देने की मांग की थी। हालांकि साल गुजर जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका, जिससे लोगों में निराशा है। अब क्षेत्रीय लोग नए साल में इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।कई समस्याओं से जूझ रहे हैं स्थानीय लोगसांडी कस्बे के लोग रेल सेवा के अभाव के साथ-साथ कई अन्य समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। बधराई में कूड़ा निस्तारण केंद्र होने के बावजूद कस्बे में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। टैक्सी स्टैंड संचालित न होने से सड़क पर डग्गामार वाहनों का प्रकोप बढ़ा हुआ है। इसके अलावा मरम्मत के बाद भी पीएचसी में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। संगैचामऊ में बन रही बृहद गोशाला के पूरा होने से आवारा मवेशियों की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं गर्रा नदी पर बन रहे पुल के चालू होने से हरपालपुर की ओर आवागमन आसान होगा। दहर पुलिया स्थित जर्जर मोटल की मरम्मत कर उसे पर्यटकों के लिए शुरू करने और भैरमपुर आबादी में शहरी गरीबों के लिए बनाए गए करीब 300 आवासों के आवंटन की भी लोग लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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