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सियासी लड़ाकों की कुंडली खंगाल रहे सियासी दल

हरदोई। कार्यालय संवाददाता पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक दल भी सक्रियता बढ़ाते जा रहे...

सियासी लड़ाकों की कुंडली खंगाल रहे सियासी दल
हिन्दुस्तान टीम,हरदोईSat, 20 Feb 2021 11:53 PM
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हरदोई। कार्यालय संवाददाता

पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक दल भी सक्रियता बढ़ाते जा रहे हैं। खासकर जिला पंचायत सदस्य पद के लिए जिताऊ उम्मीदवारों की खोजबीन चल रही है। गांवों से लेकर कसबों तक में संगठन के पदाधिकारी मीटिंग कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों में पार्टी संगठन के पदाधिकारियों के साथ ही सभ्रांत लोगों की लिस्ट तैयार करके भी दावेदारो के बारे में फीडबैक लेने की रणनीति बनाई गई है।

इसके लिए हर गांव में 8 से 10 सभ्रांत लोगों की सूची गोपनीय तौर पर पार्टी संगठन के पदाधिकारी बना रहे हैं। इसमें बुद्धिजीवी तबके के लोगो के नाम, पदनाम व मोबाइल नंबर संग्रह किया जा रहा है। दावेदारी करने वाले क्षेत्र में कितना सक्रिय रहते हैं, लोगों के बीच उनकी छवि कैसी है, जनता की समस्याओं को उन्होंने दूर कराने के लिए क्या प्रयास किए हैं, आपराधिक क्रियाकलापों को संरक्षण तो नहीं देते हैं, आदि सवालों के जवाब के आधार पर फीडबैक तैयार होगा।

कई बड़े नेता अपने परिवार के सदस्यों को भी जिला पंचायत सदस्य पद की टिकट दिलाने के लिए पैरवी कर रहे हैं। तैयारी के तौर पर वे लोगों के बीच जाकर जनता की नब्ज भी टटोल रहे हैं। गांव-गांव अपने समर्थकों तक भी संदेश पहुंचा रहे हैं कि जब पार्टी हाईकमान या जिले के पदाधिकारियों की तरफ से फीड बैक लिया जाए तो उनके परिजन की तारीफों के पुल बांधें।

बागी चेहरों पर रहेंगी छोटे दलों की निगाहें

बड़ी पार्टियों में जहां एक-एक सीट के लिए 6 से 10 तक नेता ताल ठोंक रहे हैं वहीं छोटे दलों के पास अच्छे उम्मीदवारों का अभाव है। ऐसे में विभिन्न छोटे दलों की नजर बागी चेहरों पर टिकी है। छोटी पार्टियों के पदाधिकारियों ने मीटिंग करके अपने पदाधिकारियों से चुनाव के बारे में जानकारी कर रहे हैं। जहां पर प्रत्याशी अब तक सामने नहीं आए वहां वहां के लिए वे बड़े राजनीतिक दलों से नाराज होकर आने वालों को लड़ाने की योजना बना रहे हैं। हालांकि इस बारे में अभी जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।

भाजपा पंचायत चुनाव संयोजक रामबहादुर सिंह का कहना है कि जिला पंचायत सदस्य पद की सभी 72 सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत लगा दी गई है। मीटिगें व क्षेत्र भ्रमण लगातार हो रहा है। सबसे पहले ऐसे प्रत्याशी को चुनने पर जोर दिया जा रहा है जो जनता की उम्मीदों के अनुरूप हो और जीतने की कुव्वत रखता हो।

सपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह वर्मा जीतू का कहना है कि जिला पंचायत सदस्य समेत अन्य पदों पर पार्टी दमदारी से लड़ेगी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश आते ही प्रत्याशी चुन लिए जाएंगे। पदाधिकारी व कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर दमदारी से तैयारी कर रहे हैं। किसान आंदोलन के चलते भाजपा के प्रति लोगों में जबरदस्त नाराजगी इस बार सपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत का आधार बनेगी।

बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश चौधरी का कहना है कि पंचायत चुनाव को लेकर अभी प्रदेश स्तर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। फिलहाल पार्टी स्तर से तैयारियां चल रही हैं। आने वाले समय में जैसा निर्देश मिलेगा, उस आधार पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशीष सिंह का कहना है कि पार्टी हाईकमान के निर्देशानुसार पंचायत चुनाव की तैयारी की जा रही है। भाजपा सरकार में बढ़ती महंगाई व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष कर रही कांग्रेस का जनाधार बढ़ रहा है। सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। आरक्षण की सूची का इंतजार हो रहा है। इसके बाद कमेटी उम्मीदवार के नाम चुनेगी।

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