ट्रेन में बिहारी मजदूर का सिम चुराकर मांगी फिरौती
Hardoi News - हरदोई में फरार आरोपी की चालाकी पुलिस की सतर्कता के आगे नाकाम साबित हुई। आरोपी मैनूर ने मोबाइल से सिम चोरी कर फिरौती मांगी। 59 घंटे तक लुकाछिपी के खेल के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरोपी ने कई बार अपनी लोकेशन बदली लेकिन अंत में पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

हरदोई। फरार आरोपी की चालाकी आखिरकार पुलिस की सतर्कता के आगे नाकाम साबित हुई। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि घटना के बाद आरोपी मैनूर एक मई को ही जिला छोड़कर भाग निकला था। बचने के लिए ट्रेन का सहारा लिया। ट्रेन में सफर के दौरान उसकी मुलाकात बिहार के एक मजदूर से हुई। आरोपी ने पत्नी के बीमार होने का बहाना बनाकर उससे मोबाइल मांगा और बात करने का नाटक किया। तभी मौका पाकर उसने मोबाइल से सिम पार कर दिया। बाद में उसी सिम को अपने फोन में डालकर उसने मृतक बच्चे के परिजनों को कॉल कर फिरौती मांगी। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए संदिग्ध मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया। जांच में यह नंबर बिहार के मजदूर से जुड़ा निकला। पुलिस ने मजदूर से संपर्क कर पूरी जानकारी जुटाई को सिम चोरी का पता चला। इसके बाद पुलिस टीम ने परिजनों को साथ लेकर लोकेशन के आधार पर आरोपित का पीछा शुरू किया。
59 घंटे तक चला लुकाछिपी का खेल
बच्चे अबू मर्डर केस में पुलिस और आरोपी मैनूर के बीच करीब 59 घंटे तक लुकाछिपी का खेल चला। वारदात के बाद तीन मई की शाम करीब पांच बजे पहली बार परिजनों के पास आरोपित मैनूर ने फोन किया। बताया कि उनका बच्चा उसके पास सुरक्षित है। जिन्दा चाहता है तो फिरौती की रकम दे। परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी तो एक तरफ बातचीत का दौर चला तो दूसरी ओर फिरौती मांगने वाले की लोकेशन ट्रैस करने के लिए सर्विलांस टीम जुट गई। कुछ पुलिस टीमें फील्ड पर भी उसकी तलाश में घनचक्कर बनी रहीं। आरोपित ने कई बार अपनी लोकेशन भी बदली। कभी ठठिया, कन्नौज तो कभी कानपुर पहुंचा। अंत में जैसे ही वह पुलिस की रेंज में आया तो उसका काम तमाम हो गया।
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