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8 अगस्त, 2020|9:57|IST

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सफाई से पहले व सफाई कराने के बाद भेजनी होगी फोटो

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संचारी रोगों की प्रभावी रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष सफाई अभियान की मॉनीटरिंग जिला प्रशासन करेगा। अभियान के तहत की जाने वाली साफ सफाई की फोटो ग्राम पंचायतों में तैनात किए गए नोडल अधिकारियों को भेजनी होगी। उससे पहले उन्हे सफाई करवाए जाने से पहले की भी फोटो भेजने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों में जलभराव व गंदगी की खबरें आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने प्रमुखता से लगाईं। इसे उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया। अब डीएम ने खुद ग्रामीण इलाकों में सफाई व्यवस्था बेहतर कराने का बीड़ा उठाया है।

डीएम पुलकित खरे ने कहा सफाई अभियान जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में चलाया जाएगा। हालांकि नोडल अधिकारी उन ग्राम पंचायतों में अपनी देखरेख में सफाई कार्य करवाएंगे जहां बीते साल एईएस व जेईई से सर्वाधिक मौते हुईं थीं। विशेष सफाई अभियान के तहत साफ सफाई, जल भराव का निस्तारण, फॉगिंग, सेनिटाइजेशन, मलेरिया रोधक छिड़काव का काम नोडल अधिकारी की मौजूदगी में करवाया जाएगा। इसके साथ ही डीपीआरओ को सभी सफाई कर्मचारियों को ग्राम पंचायतों में उपस्थित रहने व साफ सफाई कार्य करवाने को कहा गया है। सफाई कर्मचारियों पर नजर बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया है।

भरावन ब्लॉक की अतरौली में समाज कल्याण अधिकारी, बेहंदर ब्लॉक की मुन्नूखेड़ा व कासिमपुर में अभिहित अधिकारी, कोथावां ब्लॉक की नई बस्ती व बेनीगंज में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, मोहल्ला बाजारटोला बेनीगंज में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, सुरसा की घोसार, नयागांव मुबारकपुर में जिला प्रोबेशन अधिकारी, रामपुर नीम में बीएसए, मल्लावं के नयागांव में जिलाक्रीड़ाधिकारी, माधौगंज के अम्बेडकर नगर मोहल्ला में एआरसीए, टड़ियावां की सैंतीग्राम पंचायत में भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथमि, पिहानी की रामपुर ग्राम पंचायत में भूमि संरक्षण अधिकारी द्वितीय, हरपालपुर के समऊआपुर में जिला कृषि अधिकारी व बावन ब्लॉक के वीरसिंहपुर में सीवीओ को बतौर नोडल अधिकारी भेजा जाएगा।

जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे भी सफाई के प्रति जागरूक हों। कूड़ा नालियों में न फेकें। सफाई कर्मियों के पहुंचने पर उनका सहयोग करें। हौसलाफजाई करें। यदि सफाई कर्मी नहीं जाते हैं तो प्रधान, सचिव, एडीओ पंचायत से लिखित शिकायत करें। कार्रवाई न हो तो डीपीआरओ को बताएं। गांव की सफाई व्यवस्था सुधरेगी तो बीमारियां कम फैलेंगी। यदि कहीं जलभराव है तो जल निकासी के लिए मनरेगा व अन्य निधि के बजट का उपयोग कराएं। समस्या हल न होने पर क्षत्रीय विधायक, सांसद के सामने भी अपनी बात रख सकते हैं।

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