हरदोई के 15 ब्लॉक में 10 से 28 अगस्त तक चलेगा आईडीए अभियान
Hardoi News - हरदोई में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 से 28 अगस्त तक सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया जाएगा। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लक्षित लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवा देंगी। चार ब्लाकों में...

हरदोई। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शहरी क्षेत्र सहित कुल 15 ब्लॉक में 10 से 28 अगस्त तक सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान चलेगा। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लक्षित लाभार्थियों को फाइलेरियारोधी दवा आईवरमेक्टिन, डाईइथाईलकार्बामजीन और एल्बेंडाजोल खिलाएंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि जनपद में 13 शहरी क्षेत्र और 19 ब्लाक हैं। इसमें चार ब्लाक शाहाबाद, कछौना, भरेंदर और सुरसा में फाइलेरिया रोधी दवा नहीं खिलाई जायेगी क्योंकि यहाँ पर फाइलेरिया का प्रसार दर कम है। अन्य 15 ब्लाक अहिरोरी, बावन, भरखनी, भरावन, बिलग्राम, हरियावां, हरपालपुर, कोथावां, माधोगंज, मल्लावां,पिहानी सांडी, संडीला, टोडरपुर, टड़ियावां और शहरी क्षेत्र में आईडीए अभियान चलेगा।
फाइलेरिया के प्रसार का पता लगाने के लिए जून में नाईट ब्लड सर्वे किया गया था। इसमें इन 15 ब्लाक में माइक्रोफाइलेरिया रेट एक प्रतिशत से अधिक निकला है। इसलिए यह अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी लक्षित लाभार्थी दवा का सेवन करें। यदि एक भी व्यक्ति दवा सेवन से वंचित रह जाता है तो वह संक्रमण फैला सकता है। क्योंकि फाइलेरिया का मच्छर काटने के पांच से 15 साल बाद इसके लक्षण दिखायी देते हैं। तब तक वह स्वस्थ व्यक्तियों को अनजाने में संक्रमित कर चुका होता है। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र ने बताया कि अभियान के तहत एक साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और गंभीर बीमारी से पीड़ित को छोड़कर सभी को दवा का सेवन करना है। एक साल से कम आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली पीसकर खिलाई जाएगी जबकि एक साल से उपर के बच्चों और वयस्कों को भी पीसकर या चबाकर ही खानी है। दवा खाली पेट नहीं खानी है। इस पर ध्यान दें कुछ लोगों को दवा सेवन के बाद चक्कर आना, जी मितलाना, चकत्ते पड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह समस्या नहीं बल्कि शुभ संकेत हैं क्योंकि यह उन्हीं व्यक्तियों में दिखाई देते हैं जिनके शरीर में माइक्रोफाइलेरिया या कृमि होते हैं। फाइलेरियारोधी दवा खाने से इन माइक्रोफाइलेरिया के मरने से यह लक्षण सामने आते हैं। अपने सामने दवा खिलाएंगी आशा जिला मलेरिया अधिकारी जीतेन्द्र कुमार ने बताया कि यह दवायें न केवल माइक्रोफाइलेरिया को खत्म करती हैं बल्कि पेट से कीड़ों को भी निकालती हैं। दवा आशा कार्यकर्ता सामने ही खिलाएँगी। बाद में खाने के लिए किसी को भी नहीं देंगी। दवा सेवन के बाद कोई भी समस्या होती है तो आशा कार्यकर्ता से सम्पर्क करें या निकटम स्वास्थ्य केंद्र पर जाएँ। फाइलेरिया के लक्षण जानें - शुरुआत में ठंड के साथ बुखार आ सकता है। - सूजन आमतौर पर एक ही अंग में होती है, दोनों में समान नहीं। - लंबे समय तक रहने वाली सूखी खांसी भी फाइलेरिया का लक्षण हो सकती है।
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