
मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी शुरू, बिना सत्यापन नहीं होगा भुगतान
संक्षेप: Hardoi News - भारत सरकार ने मनरेगा जॉब कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। जिन श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उन्हें मनरेगा का भुगतान नहीं मिलेगा। जिले में 6,07,225 श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे बोगस श्रमिकों की पहचान होगी और वास्तविक श्रमिकों को समय पर मजदूरी मिलेगी।
हरदोई। बोगस श्रमिकों को भुगतान रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने सभी मनरेगा जॉब कार्ड धारकों की ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। नए दिशा-निर्देशों के तहत जिन श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उनके खाते में मनरेगा का भुगतान नहीं हो सकेगा। जिले मे 19 विकास खंड हैं। इनमें 1293 ग्राम पंचायतों में मनरेगा लागू है। शासन के निर्देश पर जनपद में सभी 6,07,225 मनरेगा जॉब कार्ड धारक श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि इस अभियान में पहले चरण में 4,61,555 सक्रिय जॉब कार्ड धारकों की ई-केवाईसी कराई जा रही है।

इसके बाद शेष श्रमिकों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि शासन से निर्देश मिलते ही यह कार्य शुरू कर दिया गया है, ताकि किसी भी श्रमिक को भुगतान में परेशानी न हो। ई-केवाईसी पूरी होने के बाद ही श्रमिकों को उनका मनरेगा भुगतान निर्बाध रूप से प्राप्त होगा। उपायुक्त ने श्रमिकों से अपील की है कि वे अपने आधार कार्ड और बैंक खाते को जॉब कार्ड से लिंक करवाएं। ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराएं। इससे जहां बोगस श्रमिकों की पहचान संभव होगी। वहीं वास्तविक श्रमिकों को समय से मजदूरी मिल सकेगी। प्रशासन का कहना है कि इस पहल से मनरेगा योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




