अदालत के आदेशों की अनदेखी पर रजिस्ट्रार तलब
Hardoi News - न्यायाधीश ने स्पष्टीकरण न देने पर दी जेल भेजने की चेतावनीन्यायाधीश ने स्पष्टीकरण न देने पर दी जेल भेजने की चेतावनीन्यायाधीश ने स्पष्टीकरण न देने पर दी

हरदोई। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने न्यायिक आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए रजिस्ट्रार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब किया है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि रजिस्ट्रार यह स्पष्ट करें कि अदालत के आदेशों की अवहेलना करने पर उन्हें जेल क्यों न भेज दिया जाए। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत में वर्ष 2020 के एक चर्चित तिहरे हत्याकांड का मुकदमा विचाराधीन है। मामले में आरोप है कि अभियुक्तों ने थाना टड़ियावां क्षेत्र के ग्राम कुआंमऊ स्थित हुलासी बगिया आश्रम में रह रहे बाबा हीरादास, उनके पुत्र नेतराम तथा शिष्या मीरादास की हत्या कर दी थी।
आरोप यह भी है कि अभियुक्त रक्षपाल ने सह अभियुक्तों के साथ मिलकर नेतराम को हीरादास के रूप में प्रस्तुत कर छलपूर्वक वसीयतनामा तैयार कराया। इसी मामले में न्यायाधीश ने 20 अप्रैल 2026 को रजिस्ट्रार को निर्देश दिया था कि नियत तिथि पर वसीयतनामा की प्रमाणित प्रति सहित मूल पंजिका स्वयं अदालत में प्रस्तुत करें अथवा किसी प्रतिनिधि को साक्ष्य अंकित कराने के लिए भेजना सुनिश्चित करें। इसके बावजूद रजिस्ट्रार न तो 4 मई को और न ही 7 मई को अदालत में उपस्थित हुए। साथ ही उन्होंने किसी प्रतिनिधि को भी नहीं भेजा और न ही अतिरिक्त समय की मांग की। विशेष लोक अभियोजक अमित मिश्रा की ओर से आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद पीठासीन न्यायाधीश ने रजिस्ट्रार को 21 मई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
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