दो साल बाद भी तीन आंगनबाड़ी केंद्र अधूरे
Hardoi News - सांडी विकास खंड में सरकारी योजनाओं के बावजूद पांच आंगनबाड़ी केंद्रों में से तीन अभी तक अधूरे हैं। इससे बच्चों को पोषण और शिक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। निर्माण कार्य में देरी और जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों ने शीघ्र पूरा करने की मांग की है।

सांडी। ग्रामीण क्षेत्रों के नौनिहालों को पोषण और सुविधायुक्त भवन उपलब्ध कराने की सरकारी मंशा विकास खंड सांडी में अधूरी नजर आ रही है। वर्ष 2023-24 में चयनित पांच आंगनबाड़ी केंद्रों में से तीन केंद्र दो साल बीतने के बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। जिससे बच्चों को शुरुआती शिक्षा और पोषण सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विकास खंड क्षेत्र में यह योजना प्रारंभिक चरण में ही दम तोड़ती दिख रही है। वर्ष 2023-24 में करीब 11.84 लाख रुपये की लागत से मनरेगा, ग्राम निधि और बाल विकास विभाग से धनराशि जारी कर ग्रामसभा मलवा अखवेलपुर के अखवेलपुर, मजरा तिलमईखेड़ा, बानामऊ के नुर्रा, चौसार के चमारपुरवा और सेमरिया में भवन निर्माण शुरू कराया गया था।
निर्देश के अनुसार पिछले वर्ष दो अक्टूबर तक भवन पूर्ण होने थे। तत्कालीन बीडीओ काजल ने अधूरे भवनों को शीघ्र पूरा कराने के आदेश दिए थे और जेई प्रशांत कुमार व संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया गया था, लेकिन इसके बाद भी तीन केंद्र अब तक अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों की लापरवाही से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। सीडीपीओ सुनीता बाजपेई ने बताया कि नुर्रा, सेमरिया और चमारपुरवा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र अभी तक पूर्ण नहीं हो पाए हैं। अन्य के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
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