
चार साल बीते, अभी भी अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र अधूरे
Hardoi News - हरदोई में नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं के कुपोषण से निपटने के लिए 226 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से अधिकांश अधूरे हैं। 2023-24 और 2025-26 में और केंद्रों की स्वीकृति मिली, लेकिन निर्माण कार्य में देरी हो रही है। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि कार्य न पूरा करने पर कार्रवाई होगी।
हरदोई, संवाददाता। नौनिहालों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के कुपोषण को दूर करने के लिए संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर बनाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र क्षेत्र पंचायतों के जाल में फंस गए हैं। तीन वित्तीय वर्षों में शासन स्तर से आवंटित 226 आंगनबाड़ी केंद्रों में से अधिकांश आधे अधूरे हैं। वित्तीय वर्ष 2022 - 2023 में शासन स्तर से जनपद में 101 आंगनबाड़ी केंद्रों को बनाने की स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 90 व 2025-26 में 35 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वीकृति जारी की गई। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र की लागत 11 लाख 84 लाख रुपये में से सात लाख 84 हजार रुपये मनरेगा से व्यय किए जाने हैं, वहीं दो लाख रुपये कार्यदायी संस्था को बाल विकास विभाग से दिए गए हैं।
शौचालय बनाए जाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कार्यदायी संस्था क्षेत्र पंचायत को अपनी निधि से दो लाख रुपये लगाने के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। लगातार मॉनीटरिंग और चार वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी मात्र 20 आंगनबाड़ी केंद्र विभाग को हैंडओवर हो पाए हैं। जिम्मेदारों की मानें तो 70 आंगनबाड़ी केंद्र लगभग पूरे हो चुके हैं, पर छोटी मोटी कमियों के कारण अभी तक उनको हैंड ओवरनहीं किया गया है। शेष आंगनबाड़ी केंद्रों का या तो निर्माण कार्य नहीं शुरू हुआ है, अथवा आंगनबाड़ी केंद्र आधा अधूरा पड़ा हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी एवं जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा करने के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। इस संबंध में समीक्षा बैठक का भी आयोजन किया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण न करने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।

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