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12 नवंबर, 2020|7:54|IST

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संडीला से उन्नाव जाना है तो धीरे-धीरे चलें

संडीला से उन्नाव जाना है तो धीरे-धीरे चलें

संडीला से उन्नाव तक के 65 किलोमीटर लंबे मार्ग का शुरुआती आठ किलोमीटर की सड़क हरदोई जिले की सीमा में आती है। यह रास्ता बेहद जोखिम भरा है। मरम्मत व देखरेख के अभाव में यह हिस्सा पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे आए दिन दुर्घटनाओं का सबब बन रहे हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों से वाहनों को सकुशल निकाल पाना काफी चुनौती भरा होता है। ऐसे में यदि इस मार्ग पर सफर करना है तो धीरे-धीरे चलें। जरा सा चूक जाने पर यहां गड्ढे गिराकर घायल कर देते हैं। ऐसे में वाहन की स्पीड जानलेवा साबित हो सकती है।

लोगों का कहना है कि कई बार सड़क के निर्माण की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधि समस्या पर जरा भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। गड्ढों से पटी सड़क पर आठ किलोमीटर की दूरी तय करने में 45 मिनट लग जाते हैं। संडीला से उन्नाव जाने वाले मार्ग के 8 किलोमीटर हिस्से में कई महीने पहले गड्ढे भरे गए थे। लेकिन लगातार भारी वाहनों के यातायात के चलते इस पर फिर से बेहिसाब गड्ढे हो गए हैं। जबकि उन्नाव सीमा शुरू होते ही सड़क की सूरत बदल जाती है। सड़क चौड़ी और पूरी तरह गड्ढा मुक्त है। लोगों का कहना है कि जिले में इस सड़क के किनारे कोई भी नाली नहीं है। इससे घरों से निकलने वाला पानी सड़क पर भरता रहता है। जिससे डामर उखड़ता रहता है।

बरसात के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती है। सड़क पर गड्ढो से आए दिन हादसे हुआ करते हैं। इसी रोड से शिक्षकों व व्यापारियों का उन्नाव व कानपुर आना जाना लगा रहता है। रोड पर मौरंग मंडी भी मौजूद है जिस पर कानपुर से मौरंग बालू से भरी गाड़ियों का आवागमन बना रहता है। लोगों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार सड़क बनवाने की मांग की गई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी।

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  • Web Title:Go slowly from sandila then go slowly