
नहर में पानी छोड़े जाने से चठिया गांव जलमग्न, फसलें बर्बाद
Hardoi News - शारदा नहर की शाखा से अचानक पानी छोड़ने के कारण चठिया गांव जलमग्न हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। किसान यूनियन ने मुआवजे की मांग की है।
बेनीगंज। शारदा नहर की शाखा शिकरोहरी से विकासखंड अहिरोरी के चठिया गांव तक पहुंचकर घरेहरा नदी में मिलती है। इस नहर में खुदाई और सफाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान गुरुवार की रात करीब दो बजे अचानक नहर में पानी छोड़ दिया गया। इससे चठिया गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया। गांव निवासी रघुवर, अमरपाल, छोटे और ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार ने बताया कि बिना पूर्व सूचना नहर में पानी छोड़े जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। वहीं, क्षेत्रीय लेखपाल अमित रावत से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका। अचानक आए पानी से गांव के खेतों में भारी जलभराव हो गया।
इससे टमाटर, पत्तागोभी, फूलगोभी, आलू, सरसों और गेहूं जैसी फसलें नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दर्जनों बीघा जमीन पानी में डूब गई है। इससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों में प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया है। भारतीय किसान यूनियन (अवध) के जिला अध्यक्ष इम्तियाज अली ने जिला प्रशासन से मांग कि तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की जाए। दोषियों पर कार्रवाई हो। जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, उन्हें शीघ्र मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों को सहायता नहीं मिली, तो संगठन आंदोलन कर सड़कों पर बैठने के लिए बाध्य होगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार चौधरी ने बताया कि कुछ किसानों ने पानी की मांग की थी। इस पर जलापूर्ति कर दी गई। जलभराव की जानकारी मिलते ही फौरन जलापूर्ति बंद करा दी गई है।

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