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24 सितम्बर, 2020|10:03|IST

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पीसीएफ केंद्र पर किसानों का जमावड़ा, किसान परेशान

पीसीएफ केंद्र पर किसानों का जमावड़ा, किसान परेशान

बघौली पीसीएफ केंद्र पर इन दिनों किसानों का भारी तादात में जमावड़ा लगा हुआ है। इसका मुख्य कारण यूरिया खाद है। यहां तो किसान रात से ही लाइन में लगने को मजबूर हैं। दुर्भाग्य रोज नित नए कानून आने से किसानों को खाद मिलना मुश्किल हो रहा है।

बघौली निवासी रामप्रकाश वर्मा का कहना है कि खेतों में इन दिनों धान फूलने को है। यूरिया खाद डालकर पूरे खेत में एक साथ बाली आने को लेकर प्रयासरत है। हर साल इस समय यूरिया खाद के छिड़काव से पूरे खेत में एक साथ धान की बालियां नजर आने लगती थी। इस बार खाद न मिलने के कारण खेत में जहां-तहां बालिया नजर आ रही हैं। जिसको लेकर किसान यूरिया खाद पाने के लिए खाद स्टोरों पर रात दिन चक्कर लगाता फिर रहा है। फिर भी उसको समय से खाद नहीं मिल पा रही है।

महरी निवासी सुनील सिंह का कहना है कि अब खाद पाने के लिए खाद लेने वाले किसान के पास खतौनी होनी चाहिए। उसका आधार कार्ड होना चाहिए और मास्क लगा होना चाहिए इतना सब करने के बाद महज 2 बोरी यूरिया खाद ही उसको मिल पा रही है चाहे रकबा कितना भी हो। जिनके पास महज 2 बीघे खेत है वह भी 2 बोरी पाने के हकदार हैं और जिनके पास 20 बीघे खेत है वह भी दो बोरी ही पा रहे हैं। ऐसे में सरकार की यह नीति पूरी तरह से ग्रामीण इलाकों में चौपट नजर आ रही है। जो बड़े किसान हैं उनको कालाबाजारियों की शरण में जाकर अपने फसल की रक्षा करनी पड़ रही है।

चुरई पुरवा निवासी महेन्द्र वर्मा का कहना है कि सरकार की इस नीति से कालाबाजारी थमने का नाम नहीं लेगी और किसान भी धराशाई हो जाएगा समय रहते सरकार ने अगर अपने नियम कानून में तब्दीली नहीं की तो मध्यमवर्गीय किसान बड़ा किसान चौपट हो जाएगा। जबकि छोटे किसान भले ही राहत महसूस कर ले लेकिन उनको भी लगातार लाइन में रहकर जो दिक्कतें उठानी पड़ रही है।

सपा पूर्व जिला अध्यक्ष शराफत अली का कहना है का कहना है कि सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने के दावे कर रही थी। लेकिन जब उनको समय से यूरिया खाद नहीं उपलब्ध करा पा रही है तो यह आमदनी दुगनी कैसे होगी। हकीकत तो यही है कि जो आमदनी रही थी उससे भी आधी खाद के कारण रह जाएगी। यह सरकार नहीं किसान भली-भांति जानता है। जिसका जवाब भी आने वाले समय में किसान देगा।

भाजपा के अहिरोरी मंडल अध्यक्ष सुनील बाजपेई ने कहा कि वैश्विक महामारी के चलते इस तरह की समस्या का सामना सिर्फ यूरिया खाद के लिए ही नहीं अन्य भी तमाम जरूरतों के लिए पूरे देश को करना पड़ रहा है। ऐसे में सिर्फ यूरिया खाद न मिलने पर सवालिया निशान सरकार की कार्यशैली पर लगाना गलत है।

बघौली पीसीएफ केंद्र प्रभारी सचिन कुमार सिंह का कहना है कि शासनादेशों के अनुरूप खाद का वितरण किया जा रहा है। जो किसान बिना मास्क लगाए, खतौनी और आधार के बिना यहां पर आता है उसको समझा कर बता दिया जाता है। फिर उसको खाद लेने में कोई दिक्कत नहीं हो रही है। यूरिया खाद की कमी नहीं है। सिस्टम से सभी को मिलती रहेगी।

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  • Web Title:Farmers gathered at PCF center farmers upset