गल्ला मंडी में सरकारी खरीद केन्द्रों पर धान खरीद में मनमानी
संक्षेप: Hardoi News - सांडी में सरकारी धान खरीद केन्द्रों पर किसानों के साथ मनमानी जारी है। किसानों ने आरोप लगाया है कि उन्हें कम दाम पर धान बेचना पड़ रहा है और आढ़तियों द्वारा अधिक कीमत पर खरीदी जा रही है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है।
सांडी। सरकारी धान खरीद केन्द्रों पर किसानों संग मनमानी जारी है। मंगलवार को हद तो तब हो गई जब एक केन्द्र के प्रभारी ही किसानों को गायब मिले। मौके पर किसान से 1600 रुपये कुंतल के भाव में खरीदा गया धान सरकारी बोरियो में भरा जा रहा था। किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद आढ़तों में खरीदे गए धान से की जा रही है। वहीं उनको धान में कमियां बताकर लौटाया जा रहा है। अफसरों ने जांच कराने की बात कही है। मंगलवार को गल्ला मंडी स्थित मिले आरएफसी प्रथम पर 1847, द्वितीय 1835, तृतीय 1771, चतुर्थ 1620, पंचम 1760, एफसीआई 24 पीसीएफ सेमरिया 882 कुंतल धान खरीदा गया।

वहीं पीसीएफ प्रभारी राजकुमार ने बताया कि वह बैंक में है। पीसीएफ सांडी के प्रभारी सरोज ने बताया कि अभी तक 1776 कुन्तल धान की खरीद की गई है। किसानों ने बताया कि इन दोनों केन्द्र प्रभारियों की अनुपस्थित में किसानों से आढ़तियों की ओर से 1600 से 1625 रुपए में खरीदा गया गेहूं सरकारी बोरियों में भरा जा रहा था। पीसीयू केन्द्र पर धान बेचने वाले कर्ता गांव निवासी किसान महराम ने बताया कि मजबूरन कम दाम पर धान बेचना पड़ रहा है। वहीं आढ़त पर सवा सोलह सौ रुपए कुंतल में धान बेचने वाले कैरवाई निवासी किसान शिवकुमार ने आरोप लगाया कि सरकारी केन्द्रों पर मंडी के व्यापारियों का ही धान खरीदा जा रहा है। डिप्टी आरएमओ निहारिका सिंह ने शोषित किसान महराम से बात करने के बाद बताया कि प्रकरण गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। खरीद में गड़बड़ी मिली तो कठोर कार्रवाई होगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




