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 गन्ना विभाग में फर्जी सट्टा घोटाला, बिचौलियों को जारी हो रहीं तौल पर्ची

गन्ना विभाग में फर्जी सट्टा घोटाला, बिचौलियों को जारी हो रहीं तौल पर्ची

संक्षेप: Hardoi News - किसानों के हक पर डाका डालने का आरोप, जिलाधिकारी से जांच की मांगहरदोई, संवाददाता।जनपद के गन्ना किसानों को तौल पर्ची जारी करने में समितियों और चीनी मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फर्जी खसरा और...

Mon, 17 Nov 2025 03:04 PMNewswrap हिन्दुस्तान, हरदोई
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किसानों के हक पर डाका डालने का आरोप, जिलाधिकारी से जांच की मांग हरदोई, संवाददाता। जनपद के गन्ना किसानों को तौल पर्ची जारी करने में समितियों और चीनी मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फर्जी खसरा और भूमि अभिलेखों पर जारी तौल पर्ची से बिचौलिए गन्ना बेंच रहे हैं। वहीं आम किसानों के हिस्से में इंतजार आ रहा है। समय से पर्ची न मिलने से आक्रोषित किसानों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अनुनय झा ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गन्ना विभाग, समितियों और चीनी मिल प्रबंधन सहित कर्मचारियों पर बिचौलियों से मिलीभगत से बड़ी संख्या में फर्जी सट्टा बनाए जाने के आरोप लगाए हैं।

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उनका कहना है कि फर्जी सट्टों के चलते वास्तविक किसानों का सट्टा नहीं बन पाया, जिससे अधिकांश किसानों की गन्ने की फसल खेतों में खड़ी है। मजबूर किसान खेतों में गेहूं की बोवाई करने के लिए अपनी गन्ने की फसल औने-पौने दाम पर बिचौलियों को बेचने को मजबूर हैं। कांग्रेस नेता का आरोप है कि चीनी मिलों के जिम्मेदारों ने हजारों की संख्या में ऐसे बिचौलियों को फर्जी सट्टा दिए हैं। सोची-समझी रणनीति के तहत मूल किसानों के गाटा बिचौलियों के नाम जोड़कर गलत तरीके से सट्टा बनाया गया। इससे वास्तविक किसानों का हक छिन गया है। उन्होंने सभी सट्टा धारकों के गाटा नंबरों की राजस्व अभिलेखों से मिलान कर जांच कराए जाने, फर्जी पाए जाने वाले सट्टों को तत्काल निरस्त करने एवं दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इनसेट न खेत, न फसल, बना दिया सट्टा, जारी कर दीं तौल पर्ची कांग्रेस नेता का आरोप है िकि कई बिचौलियों के पास न तो खेत हैं, और न ही गन्ने की फसल फिर भी उनका सट्टा बना कर तौल पर्ची जारी कर दी गई है। कोड संख्या 4818688 के सट्टा धारक रंजना सिंह के नाम गाटा संख्या 603, 615, 614, 604 और 616 दर्ज हैं, जबकि यह गाटे शाहाबाद तहसील के राजस्व अभिलेखों में रंजना सिंह के नाम दर्ज नहीं हैं। इसी प्रकार कोड संख्या 4816448 पर संजय पुत्र लालबहादुर तथा कोड संख्या 4816619 पर राजू पुत्र लालबहादुर के नाम भी ऐसे गाटा दर्ज किए गए हैं, जो उनके नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में मौजूद नहीं हैं।