
वार्ड 13 देविन पुरवा, अव्यवस्थाओं के अभ्यस्त हो गए वार्ड वासी
Hardoi News - ---फोटो 31: : देविनपुरवा वार्ड 13 की जर्जर हालत पर बातचीतसांडी रोड पर पावर कार्पोरेशन कार्यालय के ठीक सामने स्थित देविनपुरवा वार्ड 13, शहर के बीचोंबीच होते हुए भी अव्यवस्थाओं से घिरा हुआ है। यह...
सांडी रोड पर पावर कार्पोरेशन कार्यालय के ठीक सामने स्थित देविनपुरवा वार्ड 13, शहर के बीचोंबीच होते हुए भी अव्यवस्थाओं से घिरा हुआ है। यह मोहल्ला करीब 15–20 वर्ष पुराना है, पर सुविधाओं की तस्वीर आज भी निराश करने वाली है। टूटी गलियां, झुके खंभे, घरों के ऊपर से गुजरती हाईटेंशन लाइनें, बंद नालियां, कूड़ा-कचरे का ढेर और अधूरी पड़ी सड़कें यहां की पहचान बन चुकी हैं। पालिका की अनियमित सेवाएं और बिजली विभाग की लापरवाहियां लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। सड़कों के जर्जर होने के कारण आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। स्थानीय लोग कहते हैं “हम नागरिक कहलाते भर हैं, सुविधाओं के नाम पर हमें सिर्फ परेशानी ही मिली है।”
देविनपुरवा की गलियों में रहने वालों में नाराजगी और उपेक्षा की पीड़ा हर कोने से साफ झलक रही है। बीच सड़क में लगे बिजली के खंभे वाहनों की आवाजाही रोकते हैं। कई गलियों में बिजली के तार इतने नीचे हैं कि लोग रोज़ सिर झुकाकर चलते हैं। गैस पाइपलाइन की खुदाई के बाद टूटी सड़कें अब हादसों का कारण बन चुकी हैं। नालियां महीनों से बंद हैं, कूड़ा उठता नहीं, और बारिश में पूरा मोहल्ला तालाब बन जाता है। आपके अपने प्रिय अखबार हिन्दुस्तान से बात करते हुए देविनपुरवा वार्ड निवासी कमलेश बताते हैं, कि यहां लोग अव्यवस्थाओं के साथ जीने को मजबूर हो चुके हैं। “नगर पालिका ने सड़कें तोड़कर गैस पाइप लाइन डाली, लेकिन दोबारा मरम्मत करवाने की कोई कोशिश नहीं की। बीच सड़क गड्ढे ही गड्ढे हैं। बच्चों और बुजुर्गों के गिरने की घटनाएं आम हो चुकी हैं।” रोजमर्रा की परेशानियों ने लोगों का धैर्य तोड़ दिया है। संदीप प्रजापति बताते हैं कि बिजली विभाग ने गलियों में ऐसे खंभे गाड़ दिए हैं कि गाड़ी निकालना तक मुश्किल हो जाता है। “खंभे झुके हुए हैं, कई तो टूटने की कगार पर हैं। ऊपर से हाईटेंशन तार सीधे हमारे घरों की छतों को छूते हुए गुजरते हैं। डर के साए में जीने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।” वहीं विजय कुमार सिंह का कहना है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। “कूड़ा उठना बंद है, नालियां साफ नहीं होतीं। निकाय ने मोहल्ले में एक भी डस्टबिन नहीं रखा। बारिश आते ही बदबू और गंदगी से घरों में रहना मुश्किल हो जाता है।” जसवंत इस पूरे क्षेत्र को ‘भूल चुके वार्ड’ की संज्ञा देते हैं। “जनप्रतिनिधि चुनाव में आते हैं, वादे करते हैं और फिर कभी मुड़कर नहीं देखते। सड़कें टूटी, खंभे बीच रास्ते, तार सिर पर यह किस तरह की नागरिक सुविधा है?” इनसेट टूटी सड़कें, खंभों की बाधा और हाईटेंशन लाइन का खतरा देविनपुरवा की सबसे बड़ी समस्या सड़क और बिजली ढांचा है। कई गलियां वर्षों से नहीं बनीं। गैस पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें उखड़ी रहीं, जिससे आवाजाही मुश्किल हो रही है। कई जगह फुटपाथ नीचे और सड़कें ऊपर हो गई हैं। यह असंतुलन प्रतिदिन हादसों का कारण बन रहा है। दूसरी ओर बिजली विभाग ने गलियों के बीचोंबीच खंभे गाड़कर परेशानी और बढ़ा दी। चारपहिया वाहन पूरी तरह फंस जाते हैं, दोपहिया वाहन भी मुश्किल से निकलते हैं। खंभों के झुके होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। सबसे गंभीर मामला हाईटेंशन लाइनों का है जो घरों की छतों को छूते हुए गुजरती हैं। बारिश, आंधी या गर्मी, हर मौसम में डर का माहौल बना रहता है। मोहल्ले वालों का कहना है कि कई बार शिकायतें कीं, पर विभागों ने नजरअंदाज किया। इनसेट सफाई और कूड़ा प्रबंधन पूरी तरह बेपटरी पालिका की सफाई व्यवस्था देविनपुरवा में नाम मात्र की है। न तो डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन होता है और न ही नियमित नालियों की सफाई। कई नालियां महीनों से बंद पड़ी हैं। बारिश में पानी ओवरफ्लो होकर गलियों में फैल जाता है, जिससे घरों के बाहर कीचड़ और बदबू का माहौल बन जाता है। निकाय ने मोहल्ले में एक भी डस्टबिन उपलब्ध नहीं कराया, जिसके कारण लोग मजबूरी में कूड़ा सड़क किनारे फेंकते हैं। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और बीमारी का खतरा बना रहता है। पानी भरने से गलियां कई-कई दिन चलने लायक नहीं रहतीं। निवासियों ने कई बार पालिका में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला। लोग कहते हैं“पालिका की लापरवाही ने मोहल्ले को कूड़ाघर बना दिया है।” --- इनसेट गैस पाइपलाइन की खुदाई बनी नई मुसीबत गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई ने पूरे वार्ड की सूरत बिगाड़ दी। काम पूरा होने के बाद सड़कों की बहाली नहीं कराई गई। कई जगह पाइपलाइन के ऊपर मिट्टी डालकर छोड़ दिया, जो थोड़ी बारिश में बह गई। परिणाम—गड्ढे, धंसान, टूटे किनारे और असमतल रास्ते। लोगों के मुताबिक, खुदाई के कारण नालियों की लाइन भी क्षतिग्रस्त हुई, जिससे जगह-जगह गंदा पानी भरने लगा। मोहल्ले में कहीं जलभराव, कहीं मिट्टी का ढेर और कहीं गहरी खाइयाँ अब खतरा बन चुकी हैं। वाहन फिसलते हैं, पैदल चलना जोखिम भरा है। कई बार बच्चे गड्ढों में गिरकर चोटिल हुए। लोगों को उम्मीद थी कि गैस लाइन आने से सुविधा बढ़ेगी, लेकिन अधूरी मरम्मत ने पूरी व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया। --- समस्याएं 1. टूटी सड़कें और उखड़ी गलियां रोज हादसों का कारण बनती। 2. बीच सड़क में खड़े खंबे वाहनों की आवाजाही रोकते हैं। 3. घरों के ऊपर से गुजरते हाईटेंशन तार जानलेवा खतरा बने। 4. कूड़ा न उठने से मोहल्ला लगातार गंदगी में डूबा रहता। 5. नालियां महीनों से बंद, बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ा। 6. गैस पाइपलाइन खुदाई के बाद सड़कों की भरपाई न हुई। 7. निकाय ने क्षेत्र में एक भी डस्टबिन उपलब्ध नहीं कराया। --- समाधान 1. सड़क निर्माण तुरंत शुरू हो और सतह बराबरी पर लाई जाए। 2. बीच सड़क वाले खंभे हटाकर नई जगह पर स्थापित हों। 3. हाईटेंशन तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर पुनर्स्थापित किया जाए। 4. रोजाना डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन अनिवार्य किया जाए। 5. नालियों की मशीन से सफाई कर जलनिकासी सुचारु की जाए। 6. गैस लाइन खुदाई वाले हिस्से की पूरी मरम्मत कराई जाए। 7. हर गली-मोहल्ले में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाए जाएं। --- बोले मोहल्लावासी फोटो 36: अजय सिंह “गली में खड़े खंभे और टूटी सड़कें रोज गाड़ी निकालते समय परेशानी देती हैं। बरसात में हालात और बिगड़ जाते हैं, पानी भरने से चलना भी मुश्किल हो जाता है।” – अजय सिंह फोटो 37: कमलेश “पालिका ने खुदाई कर सड़कों को यूँ ही छोड़ दिया। बारिश के बाद पूरा रास्ता दलदल में बदल जाता है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है।” – कमलेश फोटो 38: संदीप प्रजापति “हाईटेंशन लाइन इतनी नीचे है कि छत पर खड़ा होना भी जोखिम भरा है। कई बार विभाग से शिकायत की, लेकिन किसी ने आकर स्थिति नहीं देखी।” – संदीप प्रजापति फोटो 39: विजय कुमार सिंह “कूड़ा उठता नहीं, नालियां चोक रहती हैं। बदबू और गंदगी से मोहल्ले में रहना दुश्वार है। रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।” – विजय कुमार सिंह फोटो 40: शिवकुमार सिंह “खोदाई के बाद सड़कें समतल नहीं कराई गईं, जिससे गड्ढे और धंसान बढ़ते जा रहे हैं। दोपहिया वाहन फिसलकर गिरने की घटनाएं आम हो चुकी हैं।” – शिवकुमार सिंह फोटो 41: राहुल “बीच सड़क लगा खंबा हमेशा बाधा बनता है। हम सबने कई बार हटाने की मांग की, लेकिन बिजली विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया।” – राहुल फोटो 42: जसवंत “वार्ड को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। सुविधाओं के नाम पर सिर्फ खतरे ही खड़े किए गए हैं। जनप्रतिनिधि चुनाव के बाद दिखते ही नहीं।” – जसवंत फोटो 43: श्यामा कुमार सिंह “गलियां इतनी खराब हैं कि रोज घर से निकलना तक चुनौती बन गया है। बरसात में कीचड़ और मच्छरों से हाल और भी खराब हो जाता है।” – श्यामा कुमार सिंह फोटो 44: सूरज “बिजली के खंभे झुके हुए हैं और तार सिर के ऊपर से गुजरते हैं। बरसात में करंट का हमेशा डर बना रहता है।” – सूरज फोटो 45: सतीश शर्मा “नालियां साफ नहीं होतीं और पानी वापस घरों की तरफ चढ़ आता है। कई बार इसकी वजह से लोगों के सामान भी खराब हुए हैं।” – सतीश शर्मा फोटो 46: हरिवंश शर्मा “डस्टबिन न होने से लोग सड़क किनारे कूड़ा डालते हैं। इससे बदबू, गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है, बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।” – हरिवंश शर्मा फोटो 47: विमल गुप्ता “गैस पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत न होना सबसे बड़ी समस्या है। कई जगह पैदल भी सुरक्षित तरीके से चलना मुश्किल है।” – विमल गुप्ता कोट पालिका की ओर से लगातार कार्य करवाया जा रहा है, वार्ड वासियों की समस्याओं के समाधान के लिए भी बहुत कार्य करवाए गए हैं। गैस पाइप लाइन की वजह से छतिग्रस्त हुई सड़कों को सही कर दिया गया है। पर इन्हें नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं, सर्वे उपरांत कार्ययोजना बनाई जा रही है। समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। सुखसागर मिश्र मधुर नगर पालिका अध्यक्ष

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