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27 अक्तूबर, 2020|6:08|IST

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निजीकरण को लेकर अभियंताओं का प्रदर्शन जारी

निजीकरण को लेकर अभियंताओं का प्रदर्शन जारी

बिजली विभाग का निजीकरण हुआ तो सरकारी नौकरियां समाप्त हो जाएगी। इससे गरीब और पिछड़े समाज के बच्चे सरकारी अधिकारी बनने का सपना भी नहीं देख पाएंगे। यह सरकार नौजवानों का सपना छीनने जा रही है। अब तो राजा का बेटा ही राजा बनेगा। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर निजीकरण को रोकने की मांग की है।

बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मंडल कार्यालय आशा नगर परिसर में समिति संयोजक राजकुमार की अध्यक्षता में पूर्वांचल विविनि लिमिटेड के निजीकरण के विरोध में गुरुवार को दोपहर दो बजे से पांच बजे तक बिजली कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। विद्युत वितरण खंड प्रथम, द्वितीय, शाहाबाद के साथ पारेषण खंड के समस्त कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर जमकर विरोध किया। समिति संयोजक ने बताया कि यदि शासन वाराणसी में संगठन के पदाधिकारियों पर दर्ज मुकदमा वापस नही लेती है तो विरोध प्रदर्शन और उग्र होता जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पांच अक्टूबर को संगठन अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी। विरोध प्रदर्शन में में एक्सईएन एके सिंह, एसडीओ आदित्य यादव, सतेन्द्र गंगवार, जेई रजनीकांत, दिनेश यादव, वीरेन्द्र, सोमपाल, सुरेश, विनय त्रिपाठी, सुशील, अमन, आनंद, एसडी पंत के अलावा लोग मौजूद रहे।

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  • Web Title:Demonstration of engineers continues for privatization