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30 नवंबर, 2020|7:05|IST

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कपड़ा देने में देरी करने वालों पर कार्रवाई की मांग

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बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ड्रेस सिलाई का काम देकर महिला स्वयं सहायता समूह को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर जिम्मेदारों की भ्रष्ट कार्यप्रणाली से पानी फिर गया है। कमीशनखोरी के चक्कर में विभागीय अधिकारी भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए सपा नेताओं ने जिलाधिकारी से जांच कराने व धांधली करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

मालूम हो कि जिले में 5 लाख से ज्यादा ड्रेस सिलवाने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। ताकि राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को काम मिल सके। वे ड्रेस को सिलकर पैसे कमाएं। इससे गृहस्थी का खर्च चलाने में यह आमदनी मददगार बनेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमन्तराव ने खंड शिक्षा अधिकारियों व स्कूलों के हेडटीचरों को जिम्मेदारी दी थी कि वे समय से कपड़ा मुहैया करा दें। ताकि समूह ड्रेस सिलकर तैयार कर सकें।

विभागीय आंकड़ों की मानें तो 50 हजार से ज्यादा ड्रेस सिलने के लिए समूह अभी भी कपड़ा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद देरी करने वालों के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हंै। विकास विभाग के अधिकारी भी इस मुद्दे पर उदासीनता बरत रहे हैं। मीटिंगों में दहाड़ने वाले जिम्मेदार हकीकत में उदासीन हैं। इससे बच्चों को ड्रेस मिलने में भी विलंब हो रहा है। शासन की इस योजना को पलीता लगाने वाले फिलहाल खुलेआम घूम रहे हैं।

मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष नीरज अवस्थी का कहना है कि भाजपा सरकार में अधिकांश योजनाएं पटरी से उतर गई हैं। अधिकारी व कर्मचारी बेलगाम होकर काम कर रहे हैं। गांव की गरीब महिलाओं को ड्रेस सिलने की जिम्मेदारी देकर उनकी आय बढ़ाने की यह योजना लापरवाही का नमूना बन गई है। दोषियों पर कार्रवाई न होने से सरकार की नीति व नीयत दोनों पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। जिलाधिकारी से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।

प्रशासनिक तंत्र सरकार की ओर से चलाई जा रही किसी भी योजना में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है। सपा नेताओं के पास आरोप लगाने के अलावा कोई काम नहीं है। भाजपा सरकार की ड्रेस समूहों से सिलवाने की योजना जनहितकारी है। इसका क्रियांवयन में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई कराई जाएगी।

कपड़ा मुहैया कराने की जिम्मेदारी स्कूल के हेडटीचर को सौंपी गई है। बीईओ इस योजना की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। जिन समूहों को कपड़ा नहीं मिला है वे लिखित शिकायत करें। जांच कराकर संबंधित हेडटीचर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

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  • Web Title:Demand for action against those who delay in giving cloth