याचिका खारिज कर पांच हजार रुपये हर्जाना लगाया
Hardoi News - हरदोई, संवाददाता। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रस्तुत एक प्रार्थना पत्र को कानू

हरदोई। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रस्तुत एक प्रार्थना पत्र को कानून के दुरुपयोग का मामला मानते हुए निरस्त कर दिया। साथ ही वादी पर पांच हजार रुपये हर्जाना लगाते हुए यह राशि एक सप्ताह के भीतर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करने का आदेश दिया है। शासकीय अधिवक्ता वीरेश सिंह एवं अमित शुक्ला के अनुसार संडीला कस्बे के माकूम कुआं निवासी बबलू कुमार पुत्र मथुरा ने ग्राम कोडरा हार निवासी जब्बार पुत्र अब्दुल रहमान के विरुद्ध न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। वादी का आरोप था कि 28 अक्टूबर 2022 को उसने भूखंड के इकरारनामे के लिए पांच लाख रुपये उधार दिए थे।
बाद में कुछ राशि लौटाई गई, लेकिन शेष 47 हजार रुपये मांगने पर 8 मार्च 2024 को संडीला चौराहे पर गाली-गलौज कर भुगतान से इंकार कर दिया गया। वहीं विपक्षी जब्बार ने अपने पक्ष में कहा कि उसने रामसहाय से भूमि खरीदी थी और उनके कहने पर बबलू के खाते में धनराशि भेजी थी। आरोप लगाया कि बबलू ने उक्त धनराशि रामसहाय को न देकर स्वयं रख ली और दबाव बनाने के उद्देश्य से मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की। दोनों पक्षों के तर्कों और थाना आख्या का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने पाया कि एससी-एसटी एक्ट का अनुचित उपयोग किया जा रहा है।
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