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डीएम से की निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत

डीएम से की निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत

अभिभावक संघ ने बुधवार को जिलाधिकारी से निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से की जा रही फीस वृद्धि, पाठ्य पुस्तकों की बिक्री में अभिभावकों की शिकायतों को लेकर जिला अधिकारी पुलकित खरे से शिकायत की। जिलाधिकारी ने अभिभावक संदर्भित प्रसंगों व साक्ष्यों के मद्देनज़र 4 अप्रैल को अपराह्न 4 बजे निजी स्कूलों के कर्ता-धर्ता की बैठक बुलाई है।

अभिभावक संघ की कोर कमेटी के संरक्षक राकेश पांडे, शिवप्रकाश त्रिवेदी, आमिर किरमानी, अध्यक्ष गोपाल द्विवेदी, महासचिव दानिश किरमानी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने सिटी मज्ट्रिरेट को बुलाकर वस्तिृत चर्चा की। कहा प्रधानाचार्य/प्रबंधकों की मीटिंग में अभिभावक संघ का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल रहेगा। संघ ने कहा कि जिला शुल्क नियामक समिति सभी स्कूलों की फीसवृद्धि करने वालेवद्यिालयों पर नकेल नहीं कस पा रही है। नियम विरुद्ध शुल्क बढ़ाने वाले वद्यिालयों की फीस वृद्धि पर रोक लगाई जाये और उन पर विधेयक के अनुरूप दण्ड लगाकर कठोर कार्यवाही की जाये।

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि विधेयक के अनुसार कोई भी स्कूल किसी नर्धिारित दुकान से स्कूल ड्रेस तथा किताबें आदि खरीदने पर बाध्य नहीं कर सकता है जबकि कई स्कूल अभिभावकों को केवल बताई गई दुकान से ड्रेस और किताबें खरीदने पर बाध्य कर रहें है। कई स्कूल पुनः प्रवेश शुल्क ले रहे हैं। प्रत्येक स्कूल ने पिछले वर्ष बसों की फीस में वृद्धि की थी। इसके बावजूद कई स्कूल इस वर्ष पुनः बस फीस में बढोत्तरी करके अभिभावकों की जेब पर डाका डाल रहें हैं जबकि डीजल या टैक्स आदि में किसी प्रकार की बढोत्तरी नहीं हुई है।

फीस नकद में लेकर अभिभावक को कोई पक्की रसीद भी नहीं देते है। विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्कूल अपनी फीस व कोर्स की किताबों का ब्यौरा ६० दिन पूर्व स्कूल की वेबसाइट व नोटिस बोर्ड पर प्रदर्षित करेंगे लेकिन किसी भी स्कूल ने ऐसा नहीं किया। अभिभावकों को आनन फ़ानन किताबों की लस्टि पकडाकर भन्नि भन्नि प्रकाशकों की पुस्तकें लेने को बाध्य कर रहे हैं जिन पर मोटी कमीशनखोरी हो रही है।

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  • Web Title: Complaint of arbitrary private schools of DM