Anganwadi center could not be built in time - तय समय में नहीं बन सके आंगनबाड़ी केंद्र DA Image
13 नबम्बर, 2019|8:05|IST

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तय समय में नहीं बन सके आंगनबाड़ी केंद्र

तय समय में नहीं बन सके आंगनबाड़ी केंद्र

विकास कार्यों को समय से पूरा कराने में कार्यदाई संस्थाओं के अभियंता व ठेकेदार रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे शासन की योजनाओं का लाभ समय से जनता तक पहुंचाने के सपने पर ग्रहण लग गया है। आंगनबाड़ी केंद्र भी इसी लेटलतीफी का शिकार हैं।

जनपद में 200 आंगनबाड़ी केंद्र बनने हैं। इनमें से 185 आंगनबाड़ी केंद्रों को बनाने की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है, जबकि 15 आंगनबाड़ी केंद्र खंड विकास अधिकारियों को बनवाने हैं। एक आंगनबाड़ी केंद्र पर 7.52 लाख रुपये खर्च होने हैं। इसमंे दो लाख रुपये बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को फर्नीचर व मेंटीनेंस व 1.06 लाख रुपये शौचालय, टंकी आदि रखवाने के लिए ग्राम पंचायत को दिए जाएंगे। भवन की लागत 4.46 लाख रुपये निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी पुलकित खबरे ने 26 जनवरी तक समस्त आंगनबाड़ी केंद्र बनवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसका पालन नहीं कराया गया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में दर्ज प्रगति आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने 101, बीडीओ बिलग्राम ने 11 व बीडीओ मल्लावां ने 3 भवनों का ही निर्माण पूर्ण कराया है। शेष भवन अधूरे पड़े हैं। भवन अपूर्ण पड़े होने के कारण आंगनबाड़ी बच्चों, कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को इधर-उधर भटकना पड़ता है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद कुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं को धेलाभर भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उधर जिलाधिकारी पुलकित खरे का कहना है कि निर्माण कार्य समय से पूरा न करने वाले अभियंताओं को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। वहीं विभाग के एक्सईएन के खिलाफ भी लिखापढ़ी करेंगे।

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