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शुगर मिल में निर्माणाधीन इमारत ढही, 16 मजदूर घायल

शुगर मिल में निर्माणाधीन इमारत ढही, 16 मजदूर घायल

रविवार की देर रात डीएससीएल शुगर मिल हरियावां में निर्माणाधीन इमारत की चार मंजिल पर डाली जा रही स्लैब ढह गई। इस हादसे में 16 मजदूर दबकर घायल हो गए। अचानक हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। बड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे मजदूरों को निकालकर इलाज के लिए भेजा गया। सूचना मिलने पर सीओ उमाशंकर सिंह, एसओ वीरेंद्र तोमर ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।

शुगर मिल प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक मिल में अन्दर एक टारबाईन की बिल्डिंग का निर्माण चल रहा था। इमारत में चौथे मंजिल की छत की स्लैब डाली जा रही थी। रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक स्लैब ढह गई और काम कर रहे मजदूर उसके मलबे की चपेट में आकर दब गए। इससे मिल परिसर में चीखपुकार मच गई। इसकी जानकारी जब लोगों को हुई तो अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों ने मिलकर मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। आननफानन में सभी को इलाज के लिए भेजा गया। जहां से एक की हालात नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल में चिकित्सको ने लखनऊ रेफर कर दिया। मजदूरों के दबे होने की खबर जब उनके परिजनों को मिली तो बदहवास हालत में वह लोग मौके पर पहुंचे।

सोमवार की सुबह मिल के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। एसओ वीरेंद्र तोमर ने बताया कि अभी तक किसी की ओर से कोई तहरीर नही दी गई है। तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ये हैं हुए घायल

शुगर मिल में छत गिरने डीएससीएल मिल में मलवे में दबकर हरदोई जिले के गांव हरियावां निवासी मिथुन, सोनू, रवीन्द्र, गांव बिसगवां निवासी रामप्रकाश, देवरिया निवासी विनय, प्रदीप, बालकराम के अलावा गोकुलपुरवा के राजपाल, पारा के महेश, कायमपुर के राजवीर, सोनू और पश्चिम बंगाल के विश्वदेव व मनोरंजन, बरेली के थाना फिरोजपुर बजीरगंज के मुकर्रम के नाम शामिल हैं। बताया जाता है प्रदीप की हालत नाजुक देखते हुए डक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया।

दिन में भी हुआ था काम

बताया जाता है कि शीघ्र ही बिल्डिंग खड़ी करने के चक्कर मे दिन रात काम चल रहा था। रविवार को दिन में भी काम चला था और फिर रात को भी काम शुरू कर दिया गया। लोग कयास लगा रहे थे कि थके मजदूरों से ज्यादा काम लिए जाने के चक्कर में हुई सुरक्षा संबंधी चूक भी हादसे का एक कारण हो सकता है।

मैटेरियल शुगर मिल देता है

लोगों में चर्चा कि सीमेंट,सरिया आदि मैटेरियल मिल अपना देता है। केवल इमारत तैयार करने का कांट्रेक्ट दूसरे को देते हैं। बताया जाता है कि इमारत में बीम किसी दूसरे कांट्रेक्टर से डलवाई गई थी। स्लैब का काम दूसरे से कराया जा रहा था। स्लैब ढहने के पीछे गुणवत्ता में कोई कमी थी या फिर कुछ और बात, ये जांच का विषय है।

कोट

मलवे में जख्मी मजदूरों के इलाज में जो भी खर्च आएगा उसका भुगतान मिल प्रशासन की ओर किया जाएगा। चाहे जिले से लखनऊ तक इलाज कराना पड़े पर सभी को स्वस्थ्य कराया जाएगा।

एके चक्रवर्ती, कामर्शियल जीएम डीएससीएल शुगर मिल हरियावां

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  • Web Title:16 workers injured in building collapsed in Sugar Mill