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हापुड़

11 किसानों के नाम पर किसने बेचा 3 लाख से ज्यादा का गेहूं

हिन्दुस्तान टीम,हापुड़Published By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 04:11 AM
11 किसानों के नाम पर किसने बेचा 3 लाख से ज्यादा का गेहूं

जनपद में 13 हजार 400 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचा हैं। जिसमें 11 किसान ऐसे चिंहित हुए हैं जिन्होंने 3 लाख से ज्यादा रकम का गेहूं बेच दिया है। शासनादेश जारी होने के बाद पूर्ति विभाग ने सत्यापन के लिए जांच शुरू कर दी है। क्योंकि दो लाख से ज्यादा आय वाले परिवारों को राशन कार्ड पर दी जाने वाली खाद्य सामग्री नहीं दी जाएगी।

पिछले दिनों सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए आय प्रमाण पत्र अनिवार्यता कर दी है। इसमें देहात क्षेत्र में अधिकतम दो लाख व शहरी क्षेत्र में तीन लाख तक सालना आय का मानक निर्धारित है, लेकिन प्रदेश में बड़े स्तर पर अपात्र राशन पा रहे हैं। अब पिछले दिनों शासन स्तर से ही ऐसे ही 63991 संदिग्ध कार्ड धारक चिंह्नित किए गए हैं। बताया गया है कि किसान द्वारा सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचे गए गेहूं का जो भुगतान आया वह हजारों किसानों का 3 लाख से ज्यादा था। बताया गया है कि किसानों ने भुगतान को लेकर 3 लाख से ज्यादा के गेहूं बेचने वाले किसानों के राशन कार्ड निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिसको लेकर हापुड़ जनपद में भी 11 किसान ऐसे हैं जिनके खाते में 3 लाख से ज्यादा का गेहूं का भुगतान आया है।

13400 में बस 11 किसान अमीर

अगर देखा जाए तो जिले में विपणन विभाग के अनुसार 13 हजार 400 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचा है। जिसमें 11 किसानों ने 3 लाख से ज्यादा रकम का गेहूं बेचा है। यानि कि जिले में बस 11 किसान ऐसे हैं, जिनके गेहूं की खेती ज्यादा होती है। एक किसान ने 3 लाख से ज्यादा का गेहूं बेचा है।

फिर किसने बेच दिए गेहूं

यूं तो 11 किसानों ने 3 लाख से ज्यादा के गेहूं बेचे हैं, परंतु सत्यापन के मामले में कुछ किसानों का कहना है कि उनके इतने गेहूं ही नहीं नहीं थे। पूर्ति विभाग सत्यापन कर रहा है। जिसमें एक सप्ताह में रिपोर्ट आने वाली हैं कि क्या वास्तव में किसानों ने इतना गेहूं बोया था। हालांकि किसानों का दावा है कि उनके इतने गेहूं नहीं थे।

तौल के समय मचा था बवाल

सरकारी क्रय केंद्रों पर धांधली रोकने के लिए सरकार ने किसान के खाते में ही पैसे भेजते हुए बिचौलियों को दूर करने का प्लान बनाया था। परंतु गढ़ में कई लोग ऐसे हैं जो सस्ते में गेहूं खरीद कर किसानों के नाम पर सरकारी क्रय केंद्र पर बेच रहे थे। क्रय केंद्र पर आने वाले किसानों को लेट करते थे और बेकार गेहूं बता कर वापस भेज रहे थे।जिसपर क्रय केंद्रों पर हंगामा हुआ था। एडीएम ने जांच के आदेश दिए थे जबकि डीएम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। आपके प्रिय हिन्दुस्तान अखबार ने इस मुद्दे को उठाया था।

क्या बोले जिम्मेदार

डीएफएमओ सुरेश यादव का कहना है कि 13 हजार 400 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचा है। उनके विभाग को शासनादेश नहीं मिला हैं, जबकि पूर्ति विभाग जांच कर रहा है।

जिले में 11 किसान ऐसे हैं जिन्होंने 3 लाख रुपये कीमत से ज्यादा के गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचे हैं। परंतु किसानों का यह भी कहना है कि उनके पास इतने गेहूं नहीं थे। 11 किसानों का सत्यापन चल रहा है। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चल पाएगा। शासनादेश है कि जिन किसानों की आय 3 लाख से ज्यादा हैं उनके राशन निरस्त कर दिए जाए।

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