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एसआईआर के मतदाताओं के पास नहीं पहुंच रहे नोटिस, बीएलओ कर रहे खानापूर्ति

एसआईआर के मतदाताओं के पास नहीं पहुंच रहे नोटिस, बीएलओ कर रहे खानापूर्ति

संक्षेप:

Hapur News - एसआईआर के मतदाताओं के पास नहीं पहुंच रहे नोटिस, बीएलओ कर रहे खानापूर्ति

Jan 19, 2026 07:41 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हापुड़
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जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण(एसआईआर) अभियान के तहत जनपद में 2 लाख 57 हजार 903 मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से काटा गया है। इसमें 1 लाख 26 हजार 972 मतदाताओं की वर्ष-2003 में कोई मैपिंग नहीं है। ऐसे मतदाताओं को बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर नोटिस भेजने है। लेकिन बीएलओ नोटिस भेजने में खानापूर्ति कर रहे है। वह मतदाताओं को फोन कर अपना नोटिस स्कूलों से एकत्रित करने को बोल रहे है, ऐसे में मतदाताओं के पास नोटिस नहीं पहुंच रहे है। जिससे मतदाताओं को धक्के खाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। जिले में चार नवंबर से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण(एसआईआर) अभियान शुरू किया गया था।

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इसमें जनपद के 11 लाख 56 हजार 966 मतदाताओं 2 लाख 57 हजार 903 मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था। इसमें 1 लाख 26 हजार 972 मतदाता ऐसे थे, जिनकी वर्ष-2003 में कोई मैपिंग नहीं पाई गई थी। इन मतदाताओं के वर्ष-2003 में न तो माता-पिता का नाम वोटर लिस्ट में शामिल था और न ही वह स्वयं वोटर लिस्ट में शामिल थे। ऐसे मतदाताओं की जिला निर्वाचन विभाग ने एक डाटा तैयार किया। 15 जनवरी से ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे है। इसके लिए जनपद में बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। यह बीएलओ रोजाना 150 मतदाताओं को घर-घर जाकर मतदाताओं नोटिस थमा रहे है। लेकिन कई जगह बीएलओ मतदाताओं के घर तक नहीं पहुंच रहे है, ब्लकि मतदाताओं को फोन कर नोटिस ले जाने को बोल रहे हैं। ऐसे में मतदाताओं को अपने मतदान स्थलों व बूथों पर चक्कर लगाने के लिए विवश होना पड़ रहा हैं। वहीं सदर विधायक ने भी एक दो बूथों का सोमवार को निरीक्षण कर एसआईआर के कार्यो को जांचा। ----------------------------------------------------------------------- 2003 में माता-पिता की वोट, फिर भी वोटर लिस्ट से बाहर हो गए कई मतदाता: जिले में कई ऐसे मतदाता है, जिनका नाम वर्ष-2003 की वोटर लिस्ट में शामिल था। लेकिन उनका नाम भी मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। वहीं कई ऐसे मतदाता है, जिनके माता-पिता का नाम वोटर लिस्ट में था, उनका भी नाम वोटर लिस्ट से गायब है। अब इन मतदाताओं को 13 डॉक्यूमेंट में कोई एक डॉक्यूमेंट दिखाकर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए चक्कर लगा रहे है। --------------------------------------------