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हापुड़

ग्राम प्रधानों का प्रशिक्षण के दौरान टीबी के प्रति संवेदीकरण किया

हिन्दुस्तान टीम,हापुड़Published By: Newswrap
Thu, 16 Sep 2021 04:20 AM
ग्राम प्रधानों का प्रशिक्षण के दौरान टीबी के प्रति संवेदीकरण किया

सिंभावली ब्लॉक में ग्राम प्रधानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्वास्थ्य के प्रति संवेदीकरण किया गया।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. संजीव कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल ग्राम प्रधानों को कोविड टीकाकरण की महत्ता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से पहले जितना अधिक से अधिक टीकाकरण हो जाए उतना अच्छा है। टीकाकरण कोविड के खिलाफ सुरक्षा कवच प्रदान करता है। टीकाकरण के बाद यदि किसी को कोविड संक्रमण होता भी है तो जानलेवा नहीं होता। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. संजीव कुमार ने ग्राम प्रधानों को कोविड टीकाकरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया कि नजदीकी टीकाकरण केंद्र के बारे में कोविन पोर्टल से कैसे जानकारी ली सकती है। पहली डोज लेने के कितने दिन बाद दूसरी डोज लेनी होती है। डीआईओ ने बताया कि कोविडशील्ड और कोवैक्सीन, दोनों ही टीके पूरी तरह सुरक्षित हैं, इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। कोई भी टीका लगवाने के बाद बुखार आने की संभावना रहती है, वैसे ही कोविडरोधी टीका लगवाने के बाद होता है। बुखार आने पर केवल पैरासिटामोल लेने से आराम आ जाता है। टीका लगवाने के बाद बुखार आने से डरने की जरूरत नहीं है, यह स्वभाविक है। जिला पीपीएम कोर्डिनेटर सुशील चौधरी ने बताया कि टीबी माइकोवैक्टीरियम वैक्टीरिया से होती है। आमतौर पर यह फेफड़ों पर वार करती है लेकिन किसी भी अंग में टीबी होना संभव है। टीबी के शुरूआती लक्षण लंबे समय तक खांसी रहना। अचानक वजन कम होने लगना। हल्का बुखार रहना। रात में सोते समय पसीना आना। ठंड लगना। छाती में दर्द, खांसने पर खून आना। क्षय रोग विभाग से टीबी संवेदीकरण कार्यक्रम में जिला पीएमडीटी समन्वयक मनोज कुमार मौजूद रहे।

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