कर अधिवक्ताओं ने की फर्जी आईटीसी पर कार्रवाई की मांग
Hapur News - टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य कर विभाग को ज्ञापन सौंपा, जिसमें फर्जी बिलिंग और अवैध आईटीसी हस्तांतरण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी राजस्व और ईमानदार व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। एसोसिएशन ने कर व्यवस्था में पारदर्शिता और ईमानदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें फर्जी बिलिंग, अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हस्तांतरण, कागजी फर्मों के संचालन तथा कर व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं एवं ईमानदार करदाताओं तथा अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
फर्जी बिलिंग और आईटीसी के प्रभाव
ज्ञापन में बताया गया कि फर्जी बिलिंग एवं अवैध आईटीसी के कारण न केवल सरकारी राजस्व को भारी क्षति हो रही है, बल्कि ईमानदार व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं के हित भी प्रभावित हो रहे हैं। एसोसिएशन ने मांग की कि ऐसे मामलों में बी2बी लेन-देन, ई-वे बिल, बैंकिंग ट्रांजैक्शन एवं माल के वास्तविक मूवमेंट की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए । जो असल में माल फुटकर में नगद में बेचते हैं लेकिन पोर्टल पर आईटीसी किसी अन्य व्यापारी को हस्तांतरित कर देते हैं ।
पारदर्शिता और ईमानदारी की आवश्यकता
हापुड़ टैक्स बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या व्यापारिक वर्ग को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि कर व्यवस्था में पारदर्शिता, ईमानदारी एवं कानून के शासन को मजबूत करना है। एसोसिएशन ने विभाग से अनुरोध किया कि फर्जी बिलिंग एवं अवैध आईटीसी नेटवर्क के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा ईमानदार करदाताओं एवं अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।इस अवसर पर हापुड़ टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गर्ग, महासचिव संजीव कुमार बंसल, जितिन अग्रवाल आदि मौजूद थे।
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