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मुख्य खबर:ओबीसी बैंक ने सिंभावली शुगर मिल को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की

मुख्य खबर:ओबीसी बैंक ने सिंभावली शुगर मिल को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की

किसानों को गन्ना भुगतान के लिए दिल्ली के ओबीसी बैंक से निकाले गई 109 करोड़ की रकम सिंभावली शुगर्स ग्रुप के लिए अभिषाप बनती जा रही है। क्योंकि ओबीसी ने राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में मिल को दिवालिया घोषित करने के लिए रिट दायर कर दी है। इस पर शुगर मिल के चेयरमैन ने प्रमुख सचिव समेत जनपग्द के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मिल बंद होने पर किसानों के नुकसान की संभावना जताई है।2010 में सिंभावली शुगर मिल द्वारा किसानों के नाम पर गन्ना भुगतान के लिए दिल्ली के ओरिएंटल बैंक से सिंभवाली शुगर मिल ने ऋण लिया था। इसमें ओबीसी ने दिल्ली में मामले में कर्ज चुकता न करने पर शुगर मिल के खिलाफ सीबीआई में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। कुल मिलाकर 109 करोड़ रुपये कर्ज की बकाएदारी आज तक सिंभावली सुगर मिल नहीं कर पाई है। जबकि दूसरी तरफ किसानों के करीब 300 करकोड़ से ज्यादा का भुगतान मिल पर रुका हुआ है। मिल पर कर्ज को लेकर तथा केंद्र सरकार की निति के चलते मिल ज्यादा चीनी नहीं बेच पा रही है, जिसके चलते उसके पास चीनी का काफी स्टाक रखा हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ दिल्ली के ओबीसी ने राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में रिट दायर कर दी है। इसमें कुछ प्रतिशत को लेकर मामले को दिखाया गया है। परंतु इस मामले की जानकारी मिलते ही मिल प्रबंध समिति में हड़कंप मच गया है। इसका खुलासा तब हुआ जब सिंभावली ग्रुप के चेयरमैन द्वारा प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश तथा हापुड़ के डीएम को लेटर भेजकर अवगत कराया गया। जिसमें उल्लेख किया गया है कि यह मिल 64 साल से चल रही है जबकि किसानों के गन्ना लेकर उनका भुगतान करती आ रही है। मिल प्रदेश सरकार के आदेश पर अक्तूबर माह में पेराई सत्र की तैयारी कर रही है, लेकिन ओबीसी ने एनसीएलटी में मिल के खिलाफ याचिका दायर कर दी है। उल्लेख किया गया है कि 84 साल की उम्र में आहत हुआ है दिल कि इतना करने के बाद भी मिल के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, जिससे मिल बंदी के कगार पर आ जाएगी, जबकि पेराई सत्र नहीं चला पाएंगे। क्योंकि मिल द्वारा बैंक का कर्ज देने का प्रयास किया जा रहा है जबकि किसानों का गन्ना भुगतान भी किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा कोटा नीति निर्धारित करने पर भी भुगतान में संकट आ रहा है। उसमें उल्लेख किया गया है कि अगर इसमें कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो मिल बंद करनी पड़ सकती है। जबकि मिल में चलाया जा रहा पेराई सत्र शुरू करने का कार्य भी बंद हो जाएगा। वहीं, सिंभावली शुगर मिल की वेबसाइट पर उल्लेख किया गया है कि ओबीसी द्वारा एनसीएलटी में दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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  • Web Title:Sibhavali Sugar Mill begins the process of declaring bankruptcy