रात में पड़ रहे कोहरे से यातायात बेपटरी हो रहा
Hapur News - रात में पड़ रहे कोहरे से यातायात बेपटरी हो रहा
कोहरे के कहर से सडक़ और रेल यातायात पटरी पर नहीं लौट पा रहा है, जिससे जरूरी कामकाज से इधर उधर आने जाने वालों के साथ ही मेरठ और गाजियाबाद के अस्पतालों में ले जाए जाने वाले गंभीर रोगियों को खूब दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। पिछले कई दिनों से सूरज ढलने तक चमकदार धूप निकल रही है, जिससे सर्दी के प्रकोप में काफी राहत मिल रही है। परंतु दिन ढलते ही बर्फ जैसी सर्द हवा ने लोगों को घरों से निलना भी दुश्वार किया हुआ है। दो सप्ताह से रात में कोहरा गिरने का क्रम थमने की बजाए और भी बढ़ता जा रहा है, जिससे रेल और सडक़ यातायात व्यवस्था पटरी से उतरने के साथ ही आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।
मंगलवार की रात में 12 बजे से लेकर सुबह दस बजे तक वातावरण में कोहरा छाया रहने से बाजारों की रंगत भी फींकी रही, जिससे अपेक्षित ग्राहक न आने पर कारोबारियों को मंदी की मार झेलनी पड़ रही है। स्टेशन अधीक्षक शिवमूर्ति सिंह और रोडवेज एआरएम हेमंत मिश्रा का कहना है कि घना कोहरा गिरने से रात से लेकर तडक़े में आने जाने वाली ट्रेन और बसों का आवागमन बाधित हो रहा है, जिससे यात्रियों को अनावश्य दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। --कोहरे के दौरान जरूरी एहतियात न बरतीं तो हो सकती है दुर्घटना रात के समय घना कोहरा गिरने के दौरान हाईवे समेत सडक़ों पर गन्ने से भरे वाहनों का आवागमन बढऩे से सुरक्षित सफर करना चुनौती बनी हुई है। ऐसे में एहतियात न बरतीं तो हादसों का शिकार होना पड़ सकता है। इन दिनों घने कोहरे ने चौतरफा दिक्कत बढ़ाई हुई हैं, वहीं गन्ना लेकर सिंभावली समेत अन्य शुगर मिलों को आने जाने वाले वाहनों का दबाव भी हाईवे पर तेजी से बढ़ता जा रहा है। बड़े ट्रालों सहित अधिकांश वाहनों में गन्ना बेतुके ढंग में भरा होता है, जिससे सडक़ों पर आने जाने वाले अन्य वाहनों के सुरक्षित ढंग में निकल पाना एक चुनौती समान हो रहा है। इसके अलावा दिल्ली लखनऊ नेशनल हाईवे पर गांव अल्लाबख्शपुर के सामने बनाया जा अंडर पास भी बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है, क्योंकि कोहरे में सर्विस रोड दिखाई न देने और जगह जगह निर्माण सामग्री पड़े होने से दुर्घटना का खतरा कहीं अधिक हो रहा है। --वाहन चालक अपेक्षित ढंग में डिपर का इस्तेमाल नहीं करते रात के अंधेरे में सेफ ड्राइविंग के लिए डिपर का इस्तेमाल बेहद कारागार माना जाता है, लेकिन पलभर की दिक्कत से बचने के लिए अधिकांश चालक इसका इस्तेमाल नहीं करते। जिससे भिड़ंत होने की संभावना कहीं अधिक रहती है। हाईवे पर नाम मात्र के लिए रिफलेक्टर लगे हुए हैं, जिससे घने कोहरे में तेज रफ्तार वाहन गलत दिशा में भटककर सडक़ किनारे खाई में गिरते हैं अथवा दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। --कोहरे में सुरक्षित सफर के लिए क्या सावधानी बरतें ब्रजघाट चौकी प्रभारी इंद्रकांत यादव का कहना है कि कोहरे में ड्राइविंग करना जोखिम भरा रहता है, लेकिन कुछ एहतियात बरतकर दुर्घटना के जोखिम को काफी हद तक टाला जाना मुमकिन है। --कोहरे को काटने वाली पीले रंग की लाइट लगाकर चलें --पीली लाइट न होने पर दुकान से पन्नी खरीदकर उसे लाइट पर लगा लें --डिपर का इस्तेमाल हर हाल में करते रहें --धीमी और सुरक्षित गति में ड्राइविंग करें --रॉग साइड में वाहन न चलाएं --आगे चल रहे वाहनों को ओवरटेक न करें --वाहनों को डिवाइडर की साइड में ही रखें -सडक़ की सफेद पट्टी पर नजर बनाए रखें

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