ई-पंजीकरण के खिलाफ कलक्ट्रेट में गरजे बैनामा लेखक

हिन्दुस्तान, हापुड़
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बैनामा लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं ने ई-पंजीकरण योजना के खिलाफ जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने डिप्टी कलक्टर को ज्ञापन सौंपा और आदेश वापस लेने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह आदेश बेरोजगारी बढ़ाएगा और इसके खिलाफ कड़ा विरोध रहेगा।

ई-पंजीकरण के खिलाफ कलक्ट्रेट में गरजे बैनामा लेखक

ई-पंजीकरण योजना के विरोध में बैनामा लेखकों, अधिवक्ताओं, स्टांप विक्रेताओं ने बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने - निबंधन विभाग के आदेश में विनिर्दिष्ट व प्राइवेट संस्थाओं द्वारा दस्तावेजों का पंजीकरण कराए जाने के आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर डिप्टी कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। दस्तावेज लेखक तहसील संघ(रजि.) के अध्यक्ष उदय सिंह जयंत ने कहा कि निबंधन विभाग के आदेश में विनिर्दिष्ट व प्राइवेट संस्थाओं द्वारा दस्तावेजों का पंजीकरण कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, स्टांप विक्रेताओं, कंप्यूटर ऑपरेटरों व मुंशी आदि के हित में नहीं है, इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आदेश से प्रदेश में बेरोजगारी होगी, इसलिए यह आदेश वापस लेना बेहद जरूरी है।

विरोध का कारण

उन्होंने कहा कि जब तक आदेश वापस नहीं होता है, तब कर पंजीकरण का कार्य पूर्णत बंद रहेगा। सचिव युसुफ खान ने कहा कि इस आदेश से लाखों लोगों के रोजगार पर संकट आ जाएगा, इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है। सरकार छोटे-मोटे काम करने वाले हजारों लोगों को इस आदेश से बेरोजगार करना चाहती है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जबतक आदेश वापस नहीं होता है, तबतक अधिवक्ता, बैनामा लेखक, स्टांप विक्रेता, कम्प्यूटर ऑपरेटर पंजीकरण का कार्य नहीं करेंगे।

प्रदर्शन में शामिल लोग

इस मौके पर चेतन प्रकाश, सूरज, राजकुमार, अमित शर्मा, मोनू शर्मा, रामेश्वर सिंह, राजदीप त्यागी, सुरेन्द्र कुमार, टुक्कीराम, विकास शर्मा, ललित त्यागी आदि शामिल रहे।

सामान्य प्रश्न

बैनामा लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं ने किस योजना का विरोध किया?
बैनामा लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं ने ई-पंजीकरण योजना का विरोध किया।
Mulit Tyagi

लेखक के बारे में

Mulit Tyagi

मुलित त्यागी पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हापुड़ में ब्यूरो इंचार्ज पर काम कर रहे हैं।

परिचय एवं अनुभव
मुलित त्यागी भारतीय मीडिया जगत का प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) हापुड़ ब्यूरो में इंचार्ज हैं। 2007 में गढ़मुक्तेश्वर में भूख से मौत प्रकरण में 44 दिनों तक विशेष खबरें की जिससे जरिए उन्हें पत्रकारिता में मजबूत पहचान मिली। भूख से गरीब की मौत, लखीमपुर में बाढ़ का दंश, बदायूं में दो बहनों की लाश पेड़ पर लटकाना, हापुड़ में अरबों रुपये कीमत की सेना की भूमि पर अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई जैसी खबरों का मुलित ने ब्रेक किया है।

कॅरियर का सफर
मुलित त्यागी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2002 में दैनिक जागरण समाचार पत्र से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में अमर उजाला के साथ जुड़े। अमर उजाला में जूनियर सब एडिटर रहते गढ़मुक्तेश्वर तहसील इंचार्ज बनें। 2012 तक वहीं पर लगातार काम किया। एक जनवरी 2013 को हिन्दुस्तान बरेली में ज्वाइन किया और फिर लखीमपुर जिले में ब्यूरो इंचार्ज बनें। 24 फरवरी 2014 को बदायूं जिले में जिम्मेदारी दी गई। अक्तूबर 2014 से हापुड़ ब्यूरो की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी के साथ-साथ बीए और राजनीति विज्ञान में एमए उत्तीर्ण।

कार्य और लक्ष्य
कई मामलों में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। मुलित का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।

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