10 दिन बाद कौन करेंगा गांव पर राज, इस पर असमंज बरकार
Hapur News - अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका चुनाव का कोई रुख गढ़मुक्तेश्वर, संवाददाता। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम प्रधानों का पांच साल का क

प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम प्रधानों का पांच साल का कार्यकाल आगामी 26 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में 10 दिन के बाद गांवाों में किस का राज होगा। इसको लेकर असमंजस है। हालांकि ग्राम प्रधानों ने अपने कार्यालय को बढ़ाने की मांग की है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्ति के करीब पहुंचते ही क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 26 मई को मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल खत्म होना तय है, लेकिन पंचायत चुनाव समय पर न होने की संभावना ने प्रधानों की चिंता बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि बचे हुए दिनों को प्रधान भारी दबाव और असमंजस में गुजार रहे हैं।
लोगों के बीच असमंजस है कि 26 तक कोई फैसला नहीं हुआ तो गांव में किस का राज होगा और कौन विकास कराएगा। हालांकि गांवों में यदि तय समय पर पंचायत चुनाव नहीं कराए गए, तो प्रशासनिक व्यवस्था के तहत गांवों की जिम्मेदारी प्रशासकों को सौंपी जा सकती है। गांवों में इस स्थिति को लेकर सबसे अधिक चर्चा और असमंजस बना हुआ है। अब तक विकास कार्यों और योजनाओं का संचालन ग्राम प्रधानों के हाथ में रहा है, लेकिन यह व्यवस्था बदलने की आशंका से स्थानीय राजनीति का स्वरूप तेजी से बदलता नजर आ रहा है। गांवों में अब नए और युवा चेहरों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावित प्रत्याशी सक्रिय हो गए हैं और लोग बदलाव की उम्मीद में नए विकल्प तलाशने लगे हैं। इससे मौजूदा प्रधानों की पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है और चुनाव से पहले ही सियासी माहौल गरमा गया है। इसी बीच ग्राम प्रधान संगठन भी सक्रिय हो गया है।
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