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एंबुलेंस में रखी लाशों को देख महिलाओं समेत कई हो गए बेहोश

नीम करौली बाबा के दर्शन करने के साथ ही नैनीताल की सैर करने के लिए घरों से निकलते समय बच्चों ने रोकने का भरसक प्रयास किया। जिस पर सुबह के समय साफ...

एंबुलेंस में रखी लाशों को देख महिलाओं समेत कई हो गए बेहोश
हिन्दुस्तान टीम,हापुड़Wed, 15 May 2024 12:00 AM
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नीम करौली बाबा के दर्शन करने के साथ ही नैनीताल की सैर करने के लिए घरों से निकलते समय बच्चों ने रोकने का भरसक प्रयास किया। जिस पर सुबह के समय साफ इंकार करने के बाद भी रात को फिर से अचानक प्लान बनने पर मौत छह दोस्तों को घर से खींचकर ले आई।

उत्तराखंड के प्रसिद्ध धर्मस्थल नीम करौली बाबा के मंदिर में दर्शन के साथ ही नैनीताल की सैर करने को लेकर लोनी निवासी अनूप सिंह और उसके दोस्त संदीप, रोहित सैनी, निक्की जैन, राजू जैन, विपिन सोनी काफी दिनों से योजना बना रहे थे। जिसके तहत उन्हें सोमवार की दोपहर को घर से रवाना होना था। परंतु इसकी जानकारी होते ही अनूप सिंह के बेटे दीपांशू, रितेश, बेटी दीपांशी और पत्नी मोनी ने अपनी योजना को स्थगित करने की जिद पकड़ ली। जिस पर अनूप सिंह ने कुछ ही घंटे पहले सुबह के समय अपना प्रोग्राम रद्द कर दिया। परंतु होनी तो होने के लिए बनी है, जिसके कारण दोस्तों के निवेदन पर अनूप सिंह ने अपना मन बदलते हुए दोस्तों के साथ चलने के लिए फिर से हामी भर दी। रात में करीब आठ बजे वह पांचों दोस्तों के साथ उत्तराखंड के लिए रवाना हो गया। गढ़ में पहुंचने पर गांव अल्लाबख्शपुर के सामने कट के पास संतुलन बिगडऩे से कार इस कदर अनियंत्रित हो गई कि करीब पंद्रह फिट चौड़ा डिवाइडर पार करते हुए दूसरी साइड में जा रहे ट्रक से भिड़ गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार अनूप सिंह समेत छह दोस्तों की कार के अंदर ही दर्दनाक ढंग में मौत हो गई। भाग्यवश कार में बैठा सचिन गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी जीवित बच गया, जो मेरठ के अस्पताल में मौत और जिंदगी के बीच जंग लड़ रहा है। अनूप सिंह के छोटे भाई अक्षय ने बताया कि बच्चों के साथ ही पत्नी के आग्रह पर भैया ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया था, परंतु बाद में मौत ने ऐसी कहानी रच डाली कि उन्होंने अपना मन बदल लिया और दोस्तों के निवेदन करने पर घर से चल दिए। अक्षय का मानना है कि अगर बच्चों की जिद को भैया मान लेते तो हो सकता है कि अन्य दोस्त भी कार्यक्रम रद्द कर देते, परंतु आखिरकार होनी तो होने के लिए ही बनी है।

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