Lok Sabha Election -2019 Fate on Ajay Das twice on the political land of pilgrimage - तीर्थनगरी की सियासी जमीन पर दो बार भाग्य अजमा चुके हैं गठबंधन प्रत्याशी DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तीर्थनगरी की सियासी जमीन पर दो बार भाग्य अजमा चुके हैं गठबंधन प्रत्याशी

अमरोहा लोकसभा सीट में हापुड़ जिले के गढ़ विधानसभा क्षेत्र में शामिल हैं जिसपर भाजपा, कांग्रेस , गठबंधन समेत कई दलों के प्रत्याशी मैदान में उतर गए हैं। गठबंधन में बसपा से उतरे कुंवर दानिश का सियासी इतिहास गढ़ विधानसभा के मतदाताओं से पहले से जुड़ा हुआ है जिसमें दो बार मतदाताओं ने विधानसभा के चुनाव में कुंवर दानिश को पराजित कर दिया था।अमरोहा संसदीय सीट का चुनाव दिलचस्प मोड़ में होता जा रहा है जहां पर भाजपा के सांसद कंवर सिंह तंवर दोबारा से चुनावी दंगल में उतरे हैं तो कांग्रेस ने गढ़ क्षेत्र निवासी युवा नेता सचिन चौधरी को मैदान में उतार दिया है। सपा-बसपा गठबंधन से हापुड़ निवासी कुंवर दानिश जी तोड़ मेहनत से चुनाव में लगे हुए है। इस बार अमरोहा सीट में शामिल गढ़ विधानसभा के करीब 3 लाख 34 हजार 638 मतदाताओं के सामने तीनों चेहरे जाने पहचाने हैं जबकि प्रसपा से मतलूब चुनाव लड़ रहे हैं। कुल मिलाकर जहां भाजपा के प्रत्याशी वर्तमान सांसद हैं। वहीं, सचिन चौधरी तीन साल से समाजसेवा में लगे हुए थे। हालांकि बसपा प्रत्याशी कुवंर दानिश कर्नाटक में सरकार की समिति के सदस्य थे जिनका सियासी कार्य वहीं पर चल रहा था। गठबंधन के सबसे अहम सूत्र रहे कुंवर दानिश को बसपा ने अमरोहा भेज दिया है। जबकि गढ़ विधानसभा के मतदाताओं के लिए कुवंर दानिश कोई नया चेहरा नहीं है। क्योंकि कुंवर दानिश गढ़ विधानसभा से 1996 में विधानसभा का चुनाव लड़े थे। जिसमें कुवंर दानिश के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री देवगौड़ा ने गढ़ में चुनावी सभा को संबोधित किया था। परंतु कुवंर दानिश चुनाव नहीं जीत पाए थे। इसके बाद फिर से हुए मध्यावधि चुनाव में भी कुवंर दानिश ने दोबारा से गढ़ में किश्तम आजमायी थी। परंतु दूसरी बार में दानिश को हार का मुंह देखने पड़ा था।आसान राह नहीं अमरोहा संसदीय डगर की--हापुड़ निवासी कुंवर दानिश अमरोहा संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि 1999 में हाथी चलने के बाद 20 साल से बसपा लोकसभा का चुनाव नहीं जीत पाई है। 1999 में अमरोहा संसदीय सीट में गढ़ विधानसभा क्षेत्र शामिल नहीं था जिस समय बसपा के राशिद अल्वी ने भाजपा के चेतन चौहान को हराकर किला फतह किया था। कुवंर दानिश को इस बार सपा के वोट बैंक के साथ हाथी की सवारी मिली है। जिनको बसपा की वनवास वापसी के लिए मतदाताओं के बीच कड़ी मेहनत करनी होगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: Lok Sabha Election -2019 Fate on Ajay Das twice on the political land of pilgrimage