सजना है मुझे सजना के लिए, करवाचौथ धूमधाम से मनी
Hapur News - करवाचौथ। रात होने पर चंद्रमा के दर्शन करने के बाद पतिदेव के हाथों से जल ग्रहण कर उपवास खोला गया। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी के उपलक्ष्य में रवि

करवाचौथ पर विवाहिताओं ने निर्जल व्रत रखकर अपने सुहाग की दीर्घायु की कामना की। रात होने पर चंद्रमा के दर्शन करने के बाद पतिदेव के हाथों से जल ग्रहण कर उपवास खोला गया। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी के उपलक्ष्य में रविवार को गढ़, ब्रजघाट, सिंभावली, बक्सर, झड़ीना, नानपुर, बहादुरगढ़, डेहरा कुटी समेत समूचे क्षेत्र में करवाचौथ का पर्व बड़ी धूमधाम के साथ हर्षोल्लास के बीच परंपरागत ढंग में मनाया गया। विवाहिताओं ने निर्जल व्रत रखा और रात में चंद्रमा निकलने पर अपने जीवन साथी के छलनी में दर्शन कर अघ्र्य देकर पूजा अर्चना की। सुहागिनों ने अपने जीवन साथियों की दीर्घायु की कामना की और उनके हाथों से जल ग्रहण कर करवाचौथ का व्रत खोला। पतियों ने अपनी जीवन संगनियों को सामथ्र्य के अनुसार उपहार भी दिए। सुहागिनों ने देर शाम को भगवान गणेश, शिव पार्वती और चौथ माता की कथा सुनने के उपरांत सास ससुर को कपड़ों समेत विभिन्न प्रकार के उपहार देकर अपनी मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद लिया। वहीं उन युवतियों ने भी करवाचौथ का व्रत रखककर अपने मंगेतरों की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की, जिनके रिश्ता पक्का हो चुका है और जिनके सजना जल्द ही घोड़ी पर सवार होकर उन्हें डोली में बैठाकर अपने घर को ले जाने वाले हैं। पिंकी त्यागी, मंजू शर्मा, शिखा शर्मा, कुमकुम कौशिक का कहना है कि करवाचौथ का पर्व धार्मिक दृष्टि से सुहागिनों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दिन वे निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं।
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