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झमाझम बरसे बदरा, सड़के जल से लबालब तो फसले भी नष्ट होने के कगार पर

झमाझम बरसे बदरा, सड़के जल से लबालब तो फसले भी नष्ट होने के कगार पर

1 / 5इस बार बारिश ने अपने कुछ अलग ही तेवर दिखाए हुए है। कि एक दिन धूप तो दो दिन बारिश पड़ रही...

झमाझम बरसे बदरा, सड़के जल से लबालब तो फसले भी नष्ट होने के कगार पर

2 / 5इस बार बारिश ने अपने कुछ अलग ही तेवर दिखाए हुए है। कि एक दिन धूप तो दो दिन बारिश पड़ रही...

झमाझम बरसे बदरा, सड़के जल से लबालब तो फसले भी नष्ट होने के कगार पर

3 / 5इस बार बारिश ने अपने कुछ अलग ही तेवर दिखाए हुए है। कि एक दिन धूप तो दो दिन बारिश पड़ रही...

झमाझम बरसे बदरा, सड़के जल से लबालब तो फसले भी नष्ट होने के कगार पर

4 / 5इस बार बारिश ने अपने कुछ अलग ही तेवर दिखाए हुए है। कि एक दिन धूप तो दो दिन बारिश पड़ रही...

झमाझम बरसे बदरा, सड़के जल से लबालब तो फसले भी नष्ट होने के कगार पर

5 / 5इस बार बारिश ने अपने कुछ अलग ही तेवर दिखाए हुए है। कि एक दिन धूप तो दो दिन बारिश पड़ रही...

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इस बार बारिश ने अपने कुछ अलग ही तेवर दिखाए हुए है। कि एक दिन धूप तो दो दिन बारिश पड़ रही है। मंगलवार दोपहर आकाश में बादल छा गए और देखते ही देखते झमाझम बदरा बरस गए। बारिश से जहां सड़कों पर जलभराव की स्थिति के साथ-साथ गंदगी का अंबार रहा। वहीं किसानों की चिंता भी अधिक बढ़ गई। बारिश के कारण किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल को सबसे अधिक हानी है। वहीं बंदगोभी एवं अन्य फसलों के लिए भी बारिश नुकसानदायक है। मौसम पल-पल करवट बदल रहा है। इस कारण मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर तो पड़ ही रहा है। वहीं बारिश अधिक होने से हर कोई परेशान दिख रहा है। इस बार बारिश काफी अच्छी हो रही है और बारिश से पहले जहां लोग खुश थे। अब बारिश लोगों की मुसीबत बनी है। मंगलवार की दोपहर को पड़ी बारिश ने कुछ ही देर में सड़कों को जलमग्न कर दिया। वहीं सबसे अधिक समस्या किसानों के सामने दिखाई दे रही है। धान की अगैती फसल पक चुकी है जो कटाई के कगार पर है। जिन खेतों में मौसम साफ होने के बाद कटाई शुरू कर दी, उन खेतों में धान की फसल पूरी तरह से नष्ट होने का अंदेशा है। कटी पड़ी धान की फसल जमने लगी हैं। बारिश से धान का दाना काला पड़ने की आशंका है। क्षेत्र के गांव सरावा निवासी मंगलसैन सैनी ने बताया कि किसानों को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। उन्होंने 15 बीघा टमाटर की पौध तैयार की थी और इसके लिए करीब 30 हजार का बीज लाए थे। बारिश होने के बाद पौध पूरी तरह से नष्ट हो गई। वहीं दोबारा से पौघ लाए हैं। गोभी की पैदावार करने वाले किसान भी परेशान क्षेत्र में बंदगोभी और फूलगोभी की अच्छी पैदावार होती है। लेकिन बारिश ने खेतो में खड़ी फसल को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। फसल नष्ट होने के बाद किसान तो परेशान हैं ही। साथ ही आने वाले समय में लोगो को सब्जी के दाम काफी ऊंचे होने से अधिक मूल्य पर सब्जी खरीदनी पड़ेगी। जिससे घर के बजट पर असर पड़ेगा। बारिश से रोगों की भरमार बारिश से क्षेत्र में रोगों की भी भरमार है। अधिकांश अस्पतालों में लोग बुखार से तप रहे हैं। इस कारण चिकित्सक रोगो का उपचार के साथ साथ मौसम में खास एतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं, ताकि स्वस्थ्य हो गए। नगर के प्राइेवट और सरकारी अस्पतालों में रोगियो की दवा लेने के लिए लंबी लंबी कतार लगी हुई है। बारिश के कारण मलेरिया, वायरल, डेंगू पनप रहा है। --------------------रोगों से बचने के लिए ये बरतें सावधानी - रोगों से बचने के लिए सावधान रहें। बरसात का आस पास जलभराव न होनें दें। -जलभराव है तो उसमें डीजल या कैरोसीन की समय समय पर बूंद डालें -बुखार होने पर स्वयं दवां न लें और चिकित्सक से सलाह लें

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  • Web Title:Jhamajham lashed Badara Jalabharav to upset people