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13 अक्तूबर, 2020|2:24|IST

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हापुड़। संवाददाता

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हापुड़। संवाददाता

प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण रोकथाम और नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के चेयरमैन भूरे लाल ने बुधवार को एनसीआर क्षेत्र के जिलाधिकारियों से वीडियों कांन्फ्रेसिंग कर अपने अपने जिलों में प्रदूषण को रोकने को लेकर बैठक की। इसमें हापुड़ जिले के तीन प्रकरण सामने आए। जिसपर डीएम ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर, इन्हें मानकों के अनुसार कवर करने के निर्देश दिए।

बता दें, कि पर्यावरण रोकथाम और नियंत्रण प्राधिकरण के चेयरमैन भूरे लाल ने 19 सितंबर को गाजियाबाद से हापुड़ होते हुए मेरठ, मुजफ्फरनगर का दौरा किया था। इस दौरान मेरठ मसूरी हाईवे निर्माण में खामी मिली थी। जिसपर उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर जमकर लताड़ लगाई थी। इसके बाद उन्होंने प्रदूषण को रोकने के लिए बुधवार को एनसीआर क्षेत्र के जिलाधिकारियों से वीसी के माध्यम से बैठक की। बैठक में भूरे लाल ने हापुड़ के पिलखुवा में डंपिग ग्राउंड के कूड़े, टाटा के गोदाम में धुल और सड़को पर बिल्डिंग मैटिरियल खुले में होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संदिर्यो से पहले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को ब्ेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसपर डीएम अदिति सिंह ने पिलखुवा के डंपिग ग्राउंड की चार दिवारी कर, उसे कवर करने, टाटा के गोदाम पर पानी का छिड़काव समय समय पर करने व खुले में पड़े बिल्डिंग मैटिरियल को कवर कराने के निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि खुले में निर्माण सामग्री न डाली जाए। अधिकतर देखा गया है कि जिले में जगह जगह खासकर मेरठ रोड पर खुले में निर्माण सामग्री डाली हुई है। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। कूड़ा ख्ुाले में डालकर उसमें आग लगाने की घटनाओं को रोका जाए। सड़कों पर होने वाले निर्माण से पहले पानी का छिड़काव किया जाए। इस बात का ध्यान रखा जाए कि किसान खेतों में पराली न जलाने पाएं। इसके लिए किसानों को लगातार जागरूक किया जाए।