गढ़ में मानसून से पहले बदलेगी गंगा की धारा
हापुड़ में सिंचाई विभाग ने मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा कार्यों को पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंकी है। 6 करोड़ की लागत से चल रहे कार्यों को 15 दिन में पूरा किया जाएगा। डीएम हापुड़ ने तिगरी में भी कार्य शुरू करने की बात की है। यदि सफल होता है, तो आगे की योजना ब्रजघाट तक बाढ़ सुरक्षात्मक चैनलाइजेशन बनाने की होगी।

हापुड़, मुलित त्यागी । मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा और कटान निरोधक कार्यों को पूरा करने को सिंचाई विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। 15 दिन में गढ़ की तरफ कराए जा रहे बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को पूरा कर दिया जाएगा। 6 करोड़ की लागत से चल रहे निर्माण कार्य पूरा होने के बाद काकाठेर आदि गांव में बाढ़ का पानी नहीं पहुंच पाएगा। डीएम हापुड़ ने तिगरी के पास चल रहे कार्य को भी शुरू कराए जाने के लिए लखनऊ सचिव से बात कर डीएम अमरोहा से भी वार्ता की है। सिंचाई विभाग के एई ब्रजकिशोर ने बताया कि 6 करोड़ की लागत से गढ़ की तरफ बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य चल रहा है। जिसको 15 दिन के अंदर पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार मानसून से पहले ही इस कार्य को करने का लक्ष्य निर्धारित है। जिससे गढ़ के गांव काकाठेर आदि में बाढ़ से नुकसान न हो सके। ब्रजकिशोर ने बताया कि बाढ़ से पहले ही गंगा की धारा को तिगरी और गढ़ के बीच कर दिया जाएगा। जिससे बाढ़ का पानी गढ़ की तरफ नहीं आएगा। अगर तिगरी के पास चल रहा कार्य थोड़ा भी बाढ़ से पहले कर दिया गया तो गंगा की धारा एक तरफ बीच में ही बहेगी और गांवों को बाढ़ का नुकसान नहीं होगा。
कामयाबी मिली तो आगे के लिए तैयार होगी योजना
इस बार बाढ़ से अगर काकाठेर गांव आदि को लाभ मिल जाता है और गंगा की धारा बीच में बहकर निकलती है तो फिर अग्रिम योजना में ब्रजघाट तक इसी तरह बाढ़ सुरक्षात्मक चैनेलाइजेशन बना दिए जाएंगे ताकि गढ़ मेले से ब्रजघाट तक गंगा हरिद्वार की तरह बहेगी और दोनों तरफ सुदंर घाट बन सकते हैं।
अमरोहा के तिगरी का काम भी होगा शुरू
डीएम हापुड़ कविता मीणा ने गंगा कच्चे घाट पहुंचकर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य की समीक्षा की। डीएम ने हिन्दुस्तान को बताया कि तिगरी में जो कार्य अमरोहा विन विभाग ने सेंचुरी क्षेत्र के चलते रुकवा दिया था। कार्य जल्द शुरू होगा, इस संबंध में डीएम अमरोहा से वार्ता की गई। इसे लेकर लखनऊ भी बात की है और ऑनलाइन सभी प्रक्रिया पूरी कर दी गई हैं। लखनऊ सचिवालय में भी वार्ता हो चुकी है। जल्द तिगरी के सामने भी काम शुरू करा दिया जाएगा।
चेनेलाइजेशन से रिवर ट्रेनिंग के मुख्य कार्य
तटबंध : नदी के किनारों को ऊंचा करना ताकि बाढ़ का पानी आसपास क्षेत्रों में न फैले।
स्पर्स या ग्रॉइन : नदी किनारे से जलधारा के लंबवत संरचनाएं बनाना, जो पानी को मुख्य धारा की ओर मोड़कर किनारों की सुरक्षा करती हैं।
गाद निकालना : नदी के तल में जमा मिट्टी और मलबे को हटाकर जलमार्ग को गहरा करना, जिससे पानी की क्षमता बढ़े।
मार्गदर्शक तटबंध : पुलों या प्रमुख संरचनाओं के पास नदी को एक सुरक्षित मार्ग से गुजारने के लिए इनका निर्माण किया जाता है।
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